72 हजार सालाना देने की घोषणा पर कोर्ट ने कांग्रेस-EC से मांगा जवाब

कोर्ट ने कांग्रेस के इस घोषणा पत्र के पक्ष में चुनाव आयोग से भी सवाल किए हैं. कोर्ट ने कांग्रेस को जवाब देने के लिए 10 दिनों का समय दिया है.

प्रयागराज: बीजेपी के हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये देने वाले वादे को ट्रोल करने बाद कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गरीबों को 72 हजार रुपये सालाना देने की बात कही है. कांग्रेस के इस घोषणा पत्र में गरीबों को बतौर आर्थिक मदद पैसे देने के इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पार्टी को नोटिस भेजा है.

कोर्ट ने सवाल किया है कि इस तरह की घोषणा वोटरों को रिश्वत देने की कैटगरी में क्यों नहीं रखा गया है? कोर्ट ने चुनाव आयोग और कांग्रेस पार्टी को जवाब देने के लिए दो हफ्ते की समय सीमा तय की है.

याचिका दायर करने वाले के मुताबिक़ घोषणा पत्र में इस तरह का दावा करना रिश्वतखोरी और वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश जैसा है. वोटर को लालच देकर उसका वोट पाना गलत बात है. इस तरह से वोटिंग में असर पड़ सकता है. कांग्रेस ने घोषणा पत्र में गरीबों को 72 हजार रुपये सालाना देने का वादा कर वोटर्स में लालच पैदा किया है. ये आचार संहिता का उल्लंघन है.

याचिका में कांग्रेस के खिलाफ कार्यवाई की मांग की गई है. हाईकोर्ट के वकील मोहित कुमार ने कांग्रेस के घोषणा पत्र में गरीबों को आर्थिक मदद देने की न्याय योजना पर जनहित में याचिका दाखिल की है. जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजेंद्र कुमार की डिविजन बेंच में इस याचिका पर सुनवाई हुई है. इसके बाद याचिका पर अगली सुनवाई 13 मई को होनी है.