बाहुबली अतीक अहमद ने छोड़ा मैदान, पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से थे निर्दलीय उम्मीदवार

वाराणसी से निर्दलीय पर्चा भरने वाले पूर्व सांसद अतीक अहमद ने परोल ना मिलने के कारण चुनाव मैदान से हटने का ऐलान किया है.

वाराणसी. उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नामांकन दर्ज करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी अतीक अहमद ने अपनी उम्मीदवारी रद्द कर दी है. बाहुबली नेता व समाजवादी पार्टी से सांसद रह चुके अतीक अहमद अभी हत्या के मामले में प्रयागराज की नैनी जेल में बंद हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार करने के लिए परोल की अर्जी दी थी. इलाहाबाद में एमपी, एमएलए कोर्ट और उसके बाद हाई कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी थी.

वाराणसी में सातवें चरण में 19 मई को मतदान होना है. वाराणसी में पीएम मोदी को समाजवादी पार्टी की शालिनी यादव और कांग्रेस के अजय राय टक्कर दे रहे हैं.  वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ तेलंगाना के 25 किसान समेत 101 लोगों ने पर्चा भरा था.  इसमें से BSF के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन रद हो गया था. जांच के बाद अब वाराणसी लोकसभा सीट से 25 उम्मीदवार मैदान में हैं.

ये भी पढ़ें: प्रयागराज में रीता बहुगुणा जोशी का साथ देने वाला ये ‘मुगल-ए-आज़म’ कौन है? जानें

पूर्व सांसद अतीक अहमद ने परोल न मिलने पर चुनाव से हटने का फैसला किया है. अतीक के चुनाव एजेंट ऐडवोकेट शहनवाज आलम ने अतीक द्वारा नैनी जेल से लिखा गया एक पत्र मीडिया में जारी किया. जिसमे उन्होंने अपनी उम्मीदवारी रद्द करने की बात कही है. अतीक ने पत्र में लिखा है कि, ‘सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए हमने सभी दलों से समर्थन मांगा था लेकिन न किसी ने समर्थन दिया और न ही कोर्ट ने परोल की मंजूरी दी. इसलिए ऐसी स्थिति में चुनाव लड़कर मतों का विभाजन करना सही नहीं होता. किसी ने समर्थन नहीं मांगा है, इसलिए किसी पार्टी को समर्थन नहीं दिया है.’

ये भी पढ़ें: तेल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों से कैसे निपटें? दिल्‍ली में सुषमा से आज चर्चा करेंगे ईरानी विदेश मंत्री

अतीक ने पत्र में बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा है. अतीक ने लिखा,‘भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं लेकिन ऐसी विचारधारा के लोग भी मौजूद हैं, जो लोकतंत्र को समाप्‍त कर हिटलरशाही लाना चाहते है.’ पत्र में मतदाताओं से सांप्रदायिक ताकतों को हराने की अपील भी की गई है.