अयोध्या केस: आखिरी दौर में पहुंची सुनवाई, एहतियातन लगाई गई धारा 144

चीफ जस्टिस साफ कर चुके हैं कि 17 अक्टूबर के बाद किसी को भी अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा.

अयोध्या मामले में संभवत: आख़िरी दौर की सुनवाई चल रही है. अगले तीन दिनों में सुनवाई पूरी कर ली जाएगी. जिसके बाद कोर्ट फ़ैसला सुरक्षित रख लेगा.

अयोध्या में एहतियातन फ़ैसले से पहले ही धारा 144 लगा दी गई है. अयोध्या के डीएम की ओर से जारी एक निर्देश में स्पष्ट कर दिया गया है कि शहर में कहीं भी एक साथ चार से ज़्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं.

इसके अलावा ड्रोन का इस्तेमाल कर किसी तरह की वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी रोक लगा दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट में आज सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड अपने सिविल सूट 4 पर दलील देगा. करीब 2 घंटे उसके पास दलीलें देने के लिए शेष हैं और वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन अपनी दलील पेश करेंगे कि आखिर क्यों सुन्नी वक्फ बोर्ड विवादित जमीन के हकदार है.

इसके बाद हिंदू पक्षकारों की ओर से सुन्नी बोर्ड के सिविल सूट 4 पर जवाब दिया जाएगा. करीब 2 से 3 घंटे प्रत्येक हिंदू पक्षकार यानी रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा, हिंदू महासभा, गोपाल सिंह विशारद, राम जन्म स्थान पुनरुद्धार समिति समेत सभी अपना जवाब पेश करेंगे.

जबकि शिया वक्फ बोर्ड भी इस पर जवाब पेश करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर को कहा था कि इस मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाए. जबकि पहले यह तिथि 18 अक्टूबर रखी गई थी.

माना जा रहा है कि सभी पक्षकार 16 अक्टूबर तक सुन्नी वक्फ बोर्ड के सिविल सूट 4 का जवाब पेश करेंगे. वहीं 17 अक्टूबर को मेमोरेंडम ऑफ रिलीफ पेश करेंगे. यानी हाईकोर्ट से इतर क्या फैसला हो सकता है, इस पर सभी पक्षकार अपनी दलील पेश करेंगे.

17 तारीख को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लेगा. माना जा रहा है कि 17 नवंबर को रिटायर हो रहे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई 15 नवंबर से पहले अपना फैसला दे देंगे.

संभावना है कि फैसला नवंबर के पहले दस दिनों के भीतर ही आ जाए. कुल पांच जजों की संविधान पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है. जिसने लगातार 4 अक्टूबर तक 37 दिन की सुनवाई में सभी पक्षकारों को सुना और आज 38वें दिन की सुनवाई शुरू हो रही है, जो 17 अक्टूबर तक चलेगी.