मंत्री थे तो आगे-पीछे चलती थी पुलिस, अब रोज थाने में हाज‍िरी लगा रहे आजम खां

अब तो आजम भी रोज थाने जा-जाकर परेशान हो गए हैं. वो कहने लगे हैं कि रोज-रोज बुलाने से अच्‍छा है कि थाने में ही रहने की इजाजत दे दें.

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां के दिन बुरे चल रहे हैं. कभी उत्‍तर प्रदेश में उनकी तूती बोलती थी. आठ विभागों के मंत्री हुआ करते थे. सुरक्षा में पुलिस की गाड़‍ियां आगे-पीछे चलती थीं. अब आजम खां के दिन बदल गए हैं. यूपी पुलिस उन्‍हें रोज थाने के चक्‍कर लगवा रही है.

आजम के खिलाफ 30 से ज्‍यादा मुकदमे दर्ज हैं. इनमें पूछताछ के लिए पुलिस उन्‍हें रोज बुलाती है. अब तो आजम भी रोज थाने जा-जाकर परेशान हो गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आजम कहने लगे हैं कि रोज-रोज बुलाने से अच्‍छा है कि थाने में ही रहने की इजाजत दे दें.

रामपुर के एसपी डॉ. अजय पाल के मुताबिक, आजम पुलिस के सवालों का सही से जवाब नहीं दे रहे. उन्‍होंने कहा, “उनसे (आजम) जमीन खरीदने के रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं तो दिखा नहीं रहे हैं. कह रहे हैं कि अदालत में सबमिट करेंगे. मुकदमों की जांच जारी है, वे पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं.”

क्यों बढ़ी आजम खां की मुसीबत?

आजम खां पर मोहम्‍मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्‍जाने का आरोप है. जहां ये यूनिवर्सिटी है, उसके पड़ोसी गांव आलियागंज के किसानों ने आजम के खिलाफ केस दर्ज कराए हैं.

आरोप है कि सपा के शासन के दौरान किसानों की जमीन जबरिया तरीके से यूनिवर्सिटी में मिला दी गई. आजम पर रामपुर में किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे के अलावा भैंस, किताब, व बिजली चोरी के मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं.

इन सभी मुकदमों की जांच स्‍पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम (SIT) के पास है. आजम खां की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने रोक लगा रखी है, मगर उन्‍हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें

सैंड माइनिंग केस : जानिए क्‍या है ये मामला जिसमें यूपी के बड़े-बड़े नेता आरोपी

व्यंग्य: समाजवादी पार्टी ने निगल लिया एक उभरता हुआ एक्टिंग का सितारा, नाम-फिरोज खान