मेरठ जिला पंचायत उपचुनाव: बूथ कैप्चरिंग का विरोध करने पर प्रधानपुत्र की गोली मारकर हत्या

ऐसा बताया जा रहा है कि अमित विजय धामा का ही समर्थक था और उस समय विजय धामा के साथ गाड़ी से पोलिंग बूथ पर पहुंचा था.

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में शनिवार को जिला पंचायत के लिए हुए उपचुनाव के दौरान उस समय हिंसा भड़क गई जब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विजय धाम की गोली का शिकार गांव के प्रधान का बेटा बन गया. यह मामला परिक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के बली गांव का है.

इलाके में चुनाव के मद्देनजर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था. गांव के एक सरकारी स्कूल में मतदान किया जा रहा था. शाम के करीब 5 बजे बीजेपी उम्मीदवार विजय धामा अपने समर्थकों के साथ बूथ पर पहुंचा. विजय धामा पर आरोप है कि उसने बूथ कैप्चरिंग का दवाब बनाया, जिसका ग्राम प्रधान सुरेश देवी के बेटे अमित ने विरोध किया.

इसके बाद गुस्साए विजय धामा ने अपनी बंदूक निकाली और ताबड़तोड़ गोलीबारी करना शुरू कर दिया. विजय धामा की बंदूक से निकली गोली अमित को जा लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. अमित को गोली मारने के बाद विजय धामा वहां से फरार हो गया.

ऐसा बताया जा रहा है कि अमित विजय धामा का ही समर्थक था और उस समय विजय धामा के साथ गाड़ी से पोलिंग बूथ पर पहुंचा था.

अमित को गोली लगने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. इस हंगामें में पुलिस की कई गाड़ियों के शीशे टूटे और कुछेक लोगों को चोट भी आई.

स्थानीय लोगों ने इस मामले में पुलिस के काम पर भी सवाल उठाए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां काफी तादाद में पुलिस तैनात थी. पुलिस चाहती तो यह घटना होने से रोक सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

फिलहाल इस मामले में पुलिस ने विजय धामा के दो समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं फरार विजय धामा की तलाश की जा रही है.

 

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