‘मंदिर पर BJP का झंडा’, हटवाने गए सपाई तो आजमगढ़ में हो गया बवाल

सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कथित हाथापाई में कोई घायल नहीं हुआ, मगर दो लोग गिरफ्तार कर लिए गए.

नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित एक मंदिर में लगा BJP का झंडा उतारने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई्. पुलिस के मुताबिक, घटना तब हुई जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर BJP के लोगों से मऊकुतुबपुर गांव में मंदिर पर लगा पार्टी उतारने को कहा. हाथापाई में कोई घायल नहीं हुआ मगर सरपंच सर्वेश (50) और उसके बेटे आशीष (22) को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, एक स्‍थानीय अदालत ने दोनों को जमानत दे दी. मामले में जांच जारी है.

पुलिस ने पूर्व सपा विधायक अभय नारायण पटेल समेत 13 नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ 4 मई को मुकदमा दर्ज किया है. रौनापार एसएचओ दिनेश पाठक के अनुसार, आईपीसी की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक ढंग से धमकाना) और 504 (भड़काने के लिए जानबूझ अपशब्‍दों का प्रयोग करना) के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्‍लंघन का मामला भी दर्ज किया है. मामले में सपा कार्यकर्ताओं की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई.

FIR में क्‍या है?

पुलिस की दी गई शिकायत में अम्‍बुज गौड़ ने कहा है कि 3 अप्रैल की शाम वह मऊकुतुबपुर गांव के मंदिर के पास खड़ा था. उसके साथ कई बीजेपी कार्यकर्ता भी थे. तभी वहां अभय नारायण के साथ सपा कार्यकर्ता पहुंच गए. सपाइयों ने मंदिर से पार्टी का झंडा हटाने और उनके उम्‍मीदवार के पक्ष में प्रचार को कहा. शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्‍होंने मना किया तो सपाई बहस करने लगे . बाद में हमला कर लिया. अम्‍बुज का कहना है कि वह अपने घर की तरफ भागा. सपाइयों ने उसका पीछा किया और घर के भीतर पीटा.

आजमगढ़ के सपा जिलाध्‍यक्ष हवलदार यादव ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि ‘सपा कार्यकर्ता पार्टी बैठक कर रहे थे. उसी दौरान BJP का झंडा लेकर कुछ लोग आए और नारे लगाने लगे. पूर्व विधायक अभय नारायण पटले और बाकी लोगों ने उन्‍हें वहां से जाने को कहा तो उन्‍होंने बहस शुरू कर दी. मंदिर से BJP का झंडा उतारने और सपा उम्‍मीदवार के लिए प्रचार करने को कहने की बात गलत है. हम एसएसपी आजमगढ़ समेत वरिष्‍ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे.’

BJP जिलाध्‍यक्ष जयनाथ सिंह ने कहा कि “गांववालों ने घर में BJP के झंडे लगा रखे हैं. इससे तुनके सपा कार्यकर्ताओं ने गांववालों को धमकाना शुरू कर दिया था. उन्‍होंने झंडे हटाने को कहा. हमने पुलिस थाने में शिकायत की और एक्‍शन हो गया.”

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