UP: बांदा में यमुना नदी पर 10 साल में भी पूरा नहीं बना पुल, हो गया करोड़ों का घोटाला

बांदा जनपद के तहसील बबेरु में यमुना नदी पर यह पुल 10 साल से बन रहा है. इस पर अभी तक 37 करोड़ खर्च हो चुके हैं. PWD विभाग 12 करोड़ की एप्रोच रोड बना चुका है.

उत्तर प्रदेश के बांदा में यमुना नदी पर एक ऐसा पुल जो 10 साल से बन रहा है जो अभी आधा भी नहीं बन पाया. पेपर में PWD विभाग 12 करोड़ की एप्रोच रोड बना चुका है. जबकि रोड तब बनता है जब पुल चालू होने की दशा में हो. लेकिन अभी वर्तमान स्थिति में पुल आधे से कम बना है.

अधिशाषी अभियंता का कहना है कि ‘इसमें विभाग द्वारा कोई भी वित्तीय अनियमितता नहीं की गई.’ जबकि पुल में 37 करोड़ रुपये खत्म हो चुके हैं. एप्रोच रोड में पहले किसानों से जमीन ली गई. इसकी रकम 21 लाख10 हजार चुकाई गई. जबकि विभाग ने पेपर में 2 करोड़ 10 लाख रुपये दिखाए गए हैं.

बांदा के वर्तमान अधिशासी अभियंता से इस बात का पक्ष जाना गया तो उन्होंने जवाब देते हुये कहा कि समय अनुसार हो सकता है, समाज सेवी शुशील त्रिवेदी ने जनहित में इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत कराया और कहा कि जब पुल ही पूरा नहीं है तो ऐपरोच रोड की क्या जरूरत थी.

आपको बता दें कि बांदा जनपद के तहसील बबेरु में यमुना नदी पर यह पुल 10 साल से बन रहा है. इस पर अभी तक 37 करोड़ खर्च हो चुके हैं. इस पुल का मात्र चौथाई हिसा बन पाया है. आश्चर्य की बात यह है कि लोकनिर्माण विभाग बांदा ने शासन को अंधेरे में रखकर ऐपरोच रोड का 7 करोड़ 67 लाख रुपये पास करा लिया. सवाल खड़ा होता है कि जब पुल पूरा नहीं है तो ऐपरोच कैसे बन सकता है?

शासन के पात्र अनुसचिव काशी तिवारी के उस पत्र से खुलासा हुआ कि विभाग ने इनको 11 करोड़ 61 लाख रुपये का हिसाब मंगा. 3 करोड़ जो गलती से शासन ने भेज दिए थे उसका विभाग ने क्या किया. इस पर विभाग द्वारा फर्जी फिकेशन करके जो जमीन 21लाख 10हजार की थी उसे 2 करोड़10 लाख का रिवाइज रेट दिखा दिया. ब्रिज कॉरपोरेशन विभाग से इस पुल के बारे जानकारी चाही तो बताया कि10 साल बीत चुके हैं. बजट भी हमारे पास नहीं है.

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