‘अखिलेश सफल रहे तो फिर साथ काम करेंगे’, मायावती का ऐलान- अकेले उपचुनाव लड़ेगी BSP

बसपा ने उत्तर प्रदेश में 10 लोकसभा सीटें जीती हैं. पार्टी 38 सीटों पर चुनाव लड़ी थी.
सपा, ‘अखिलेश सफल रहे तो फिर साथ काम करेंगे’, मायावती का ऐलान- अकेले उपचुनाव लड़ेगी BSP

नई दिल्‍ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि ‘मैंने सभी पुराने गिले-श‍िकवे मिलाकर समाजवादी पार्टी (सपा) से गठबंधन किया था.’ उन्‍होंने कहा कि “हमारे रिश्‍ते केवल राजनैतिक स्‍वार्थ के लिए नहीं बने हैं. ये रिश्‍ते हर सुख-दुख की घड़ी में ऐसे ही बने रहेंगे.” मायावती ने कहा कि उनकी तरफ से रिश्‍ते कभी खत्‍म नहीं किए जाएंगे. उन्‍होंने ऐलान किया कि आगामी विधानसभा उपचुनाव बसपा अकेले लड़ेगी.

हालांकि मायावती ने कहा कि “दूसरी तरफ, राजनैतिक विवशताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लोकसभा चुनाव परिणामों के संबंध में बड़े दुख के साथ ये कहना पड़ता है कि इस चुनाव में सपा का बेस वोट यानी यादव समाज साथ नहीं रह सका. अंदर-अंदर न जाने किस बात की नाराजगी के तहत ऐसा किया है. ऐसे में अन्‍य सीटों के साथ-साथ कन्‍नौज में डिंपल यादव, बदायूं से धर्मेंद्र यादव और फिरोजाबाद से रामगोपाल यादव के बेटे का भी हार जाना तो ऐसा है जो हमें बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करता है.

मायावती ने साफ किया कि “यह अलगाव स्‍थायी नहीं है. अगर हमें भविष्‍य में लगा कि सपा प्रमुख अपने राजनैतिक काम में सफल होते हैं, तो हम फिर साथ करेंगे. लेकिन अगर वह सफल नहीं होते तो अच्‍छा यही होगा कि हम अलग-अलग काम कर लें. इसलिए हमने उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है.”

बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने भी ट्वीट कर कहा कि पार्टी की बैठक में हार की समीक्षा हुई, मगर गठबंधन पर कोई फैसला नहीं हुआ. बसपा प्रदेश अध्यक्ष आर.एस.कुशवाहा ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा था कि लोकसभा चुनावों में बसपा के खराब प्रदर्शन के लिए मुख्य तौर पर ईवीएम जिम्मेदार है.

11 सीटों पर होना है उपचुनाव

भाजपा के नौ विधायकों ने लोकसभा चुनाव जीता है, जबकि बसपा व सपा के एक-एक विधायक लोकसभा के लिए चुने गए हैं. प्रतापगढ़ से अपना दल विधायक संगम लाल गुप्ता, रामपुर सदर से सपा विधायक आजम खां और जलालपुर से बसपा विधायक रितेश पांडेय भी सांसद बने हैं.

BJP में विधायक से सांसद बनने वालों में लखनऊ कैंट से रीता बहुगुणा जोशी, टुंडला से एसपी सिंह बघेल, गोविंदनगर से सत्यदेव पचौरी, गंगोह से प्रदीप कुमार, मानिकपुर से आरके पटेल, जैदपुर से उपेंद्र रावत, बलहा से अक्षयवर लाल गोंड, इगलास से विधायक राजवीर सिंह शामिल हैं.

एक भी सीट नहीं जीत सकी RLD

बसपा ने उत्तर प्रदेश में 10 लोकसभा सीटें जीती हैं. पार्टी 38 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर चुनाव लड़ा था और पार्टी सिर्फ पांच सीटें जीत सकी. राष्ट्रीय लोकदल ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा व एक भी सीट नहीं जीत सकी.

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