योगी को माया का जवाब- अली और बजरंगबली दोनों ही हैं हमारे, फायदा हमें ही होगा

बीजेपी-कांग्रेस पर बरसीं मायावती. कहा- दोनों करने में लगे हुए हैं हवा-हवाई वादे

लखनऊ: अली-बजरंगबली वाले बयान पर अभी भी खलबली मची हुई है. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के अली-बजरंगबली वाले बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पलटवार किया है.

मायावती ने कहा कि हमारे अली और बजरंगबली दोनों ही हैं. बजरंगबली इसलिए भी चाहिए क्योंकि वह मेरी दलित जाति से जुड़े थे. इनकी जाति की खोज मैंने नहीं खुद यूपी के मुख्यमंत्री ने की थी. यह बात शनिवार को मायावती ने गठबंधन की एक रैली में बदायूं में कहीं. गठबंधन रैली में पहले बोलते हुए माया ने कहा कि यूपी में योगी आदित्यनाथ को न तो अली और न ही मेरी जाति का वोट मिलेगा.

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उन्होंने कहा कि ये दोनों जातियां अब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को छोड़ चुकी हैं. बहुजन समाज पार्टी बीजेपी की तरह धर्म और जाती पर वोट नहीं मांगती है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सबके साथ सबका विकास का वादा अब सिर्फ जुमलेबाजी बनकर रह गया है. उन्होंने कहा कि यदि केंद्र में हमें सरकार बनाने का मौका मिलता है तो हम स्थाई और गैर स्थाई रोजगार देने की कोशिश करेंगे.

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रैली में कांग्रेस को भी मायावती ने नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के शासन काल में मुस्लिम लोगों की आर्थिक हालत में कोई सुधार नहीं आया है. मैं छह हजार देने के बजाय गरीबी हटाने का स्थाई हल दूँगी. कांग्रेस ने पहले भी गरीबी हटाने के नाम पर नाटकबाजी की है. अब ये नाटक चलने वाला नहीं है. गठबंधन का एकमात्र मकसद बीजेपी को उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने से रोकना है.

मायावती ने कहा कि इस लोकसभा इलेक्शन में अच्छा रिजल्ट आएगा, ऐसी मुझे उम्मीद है. आप लोगों को उपवास रखना है. खाना तभी खाना है जब आप वोट डाल देंगे.

टकराव पैदा करने वाली सत्ताधारी ताकतों से सावधान रहें
इससे पहले मायावती ने ट्वीट करके जहां रामनवमी की लोगों को शुभकामनायें दी वहीं उन्होंने बजरंग बली और अली का चुनावों के लिए हो रहे उपयोग पर आपत्ति जताई.