बुलंदशहर DM के घर पर CBI की रेड, इतने नोट मिले बुलानी पड़ी मशीन

अभय सिंह के घर से इतने नोट मिले हैं कि उन्‍हें गिनने की खातिर CBI को मशीन बुलानी पड़ी है.

नई दिल्‍ली: सीबीआई ने बुधवार को बुलंदशहर डीएम अभय कुमार सिंह के निवास पर छापा मारा. यह छापेमारी यूपी के बहुचर्चित खनन घोटाला मामले में की गई. अभय सिंह पहले से इस मामले में CBI के रडार पर थे. यह मामला अखिलेश यादव के नेतृत्‍व में समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल का है. अभय सिंह तब फतेहपुर के जिलाधिकारी हुआ करते थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय सिंह के घर से इतने नोट मिले हैं कि उन्‍हें गिनने की खातिर CBI को मशीन बुलानी पड़ी है.

अभय सिंह के अलावा पुलिस ने बुलंदशहर, लखनऊ, फतेहपुर, आजमगढ़, ईलाहाबाद, नोएडा, गोरखपुर, देवरिया जैसे जिलों में छापेमारी की. CBI सूत्रों के मुताबिक मौजूदा बुलंदशहर डीएम के घर से 47 लाख रुपए बरामद हुए हैं. अभय सिंह खनन के दौरान फतेहपुर के डीएम थे.

इसके अलावा, खनन के दौरान देवरिया के एडीएम रहे देवी शरण उपाध्याय के घर से 10 लाख रुपए बरामद हुए हैं. वे फिलहाल आजमगढ़ के सीडीओ हैं. प्रॉपर्टी के कुछ कागजात तत्कालीन देवरिया डीएम विवेक के यहां से मिले हैं. विवेक अभी लखनऊ में ट्रेनिंग एन्ड एम्प्लायमेंट के डायरेक्टर के पद पर है.

CBI 2012 से 2016 के बीच अवैध खनन के मामलों की जांच कर रही है. इस दौरान कुल 22 टेंडर ऐसे हैं जो शक के घेरे में हैं. इनमें से 14 अखिलेश के खनन मंत्री रहते हुए पास किए गए थे, जबकि बाकी गायत्री प्रजापति के कार्यकाल में जारी किए गए. आरोप है कि एनजीटी के दिशा-निर्देश को ताक पर अवैध खनन किया गया. नियमों को दरकिनार कर मनचाहे ढंग से खनन के टेंडर बांटे गए.

जांच एजेंसियां मान रही हैं कि अखिलेश और गायत्री की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही टेंडर जारी किए गए. 5 लाख रुपये से ऊपर के टेंडर की खातिर सीएम की इजाजत चाहिए होती है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI इस मामले की जांच कर रही है. खनन घोटाले को लेकर CBI ने देश के अलग-अलग हिस्‍सों में छापेमारी की है. गायत्री प्रजापति के अलावा IAS बी. चंद्रकला के यहां भी छापे मारे गए थे. चंद्रकला मेरठ और बिजनौर की डीएम रह चुकी हैं.

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