प्रॉपर्टी डीलर अपहरण मामले में अतीक़ अहमद पर अब CBI ने कसा शिकंजा

जायसवाल को साल 2018 के दिसम्बर महीने में लखनऊ से अगवा किया गया और देवरिया जेल लाया गया.

नई दिल्ली: सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने माफ़िया से नेता बने अतीक़ अहमद और 17 अन्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ किया है. यह केस दिसम्बर 2018 का है जिसमें अतीक़ अहमद पर लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को पहले अगवा और फिर अन्य सहयोगी के साथ मिलकर उसके साथ मार-पीट करने का आरोप है.

बता दें कि अतीक़ अहमद फ़िलहाल इसी मामले में गुजरात जेल में बंद हैं. अतीक़ अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कड़ी सुरक्षा के तहत गुजरात के अहमदाबाद जेल में ट्रांसफर किया गया है. अतीक अहमद के खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं.

क्या है मामला

जायसवाल को साल 2018 के दिसम्बर महीने में लखनऊ से अगवा किया गया था. बाद में उसे देवरिया जेल लाया गया जहां जेल में बंद डॉन अतीक अहमद और उनके सहयोगियों ने मोहित के साथ मारपीट की और उसकी गाड़ी पर भी कब्जा कर लिया. बताया जाता है कि मोहित से जबरन कुछ प्रॉपर्टी भी ट्रांसफर करवाया गया.

यह मामला कृष्णानगर कोतवाली में दर्ज की गई थी. इस प्रकरण में पुलिस ने पहले ही अतीक़ समेत आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट फ़ाइल की है.

अतीक़ अहमद यूपी के अपराध जगत में काफी समय से सक्रिय रहे हैं. 17 साल की उम्र में इनपर पहला केस दर्ज हुआ था वो भी मर्डर का. जिसके बाद 1989 में अतीक़ ने राजनीति में पहली बार क़दम रखा और इलाहाबाद के शहर पश्चिमी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव जीत कर आए थे.

बाद में 2004 से 2009 के बीच अतीक़ अहमद 14वीं लोकसभा का सदस्य भी थे. साल 2014 में अतीक़ समाजवादी पार्टी के टिकट पर श्रावस्ती से चुनाव लड़े, हालांकि वो हार गए.