अयोध्या पर फैसले को जीत-हार से न जोड़ा जाए, योगी आदित्यनाथ ने की अपील

‘कोई भी व्यक्ति यदि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या प्रकरण पर शनिवार को आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस फैसले को जीत-हार के साथ जोड़कर न देखें.

मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि “आने वाले फैसले को जीत-हार के साथ जोड़कर न देखा जाए. यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि प्रदेश में शान्तिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को हर हाल में बनाए रखें. अफवाहों पर कतई ध्यान न दें.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रशासन सभी की सुरक्षा और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है. कोई भी व्यक्ति यदि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अयोध्या मामले पर फैसला आने के पहले लोगों से न्यायपालिका का मान सम्मान बनाए रखने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “अयोध्या पर कल सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है. पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था. इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं.”

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर कल यानी शनिवार को फैसला आएगा. प्राप्त जानकारी के मुताबिक फैसला कल सुबह साढ़े 10 बजे फैसला आएगा. सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में शनिवार को अपना फैसला सुनाने वाला है.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को 40 दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. पांच जजों की बेंच में CJI के अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं. फैसला सुनाने के पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए कहा था.