विकास दुबे से जुड़े नेताओं-अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा, CM योगी ने दिए जानकारी जुटाने के निर्देश

कानपुर (Kanpur) में शातिर बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. पुलिस गांव में बदमाशों को पकड़ने के लिए पहुंची थी कि तभी बदमाशों ने पुलिस की टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया था.
leaders officers associated with Vikas Dubey, विकास दुबे से जुड़े नेताओं-अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा, CM योगी ने दिए जानकारी जुटाने के निर्देश

कानपुर एनकाउंटर केस में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कोई कसर नहीं छोड़ रही. अब विकास दुबे (Vikas Dubey) के सियासी आकाओं पर भी शिकंजा कसे जानें की बात सामने आई है. बताया जा रहा है क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शातिर अपराधी विकास दुबे को संरक्षण देने वाले नेताओं और अधिकारियों के बारे में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं.

सीएम के निर्देश के बाद अब खुफिया विभाग विकास दुबे के सियासी कनेक्शन्स का पता लगाएगा. विकास दुबे को सुरक्षा देने वाले सभी पार्टियों के नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों के नाम की लिस्ट तैयार की जाएगी. विकास दुबे से जिन नेताओ के संबंध रहे हैं उन सब का ब्यौरा खुफिया विभाग इकठ्ठा कर रहा है.

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विकास दुबे को पकड़ने के लिए लगे 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी

विकास दुबे को पकड़ने के लिए 40 थानों की पुलिस जुटी हुई है. शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस और एसटीएफ की 20 टीम और 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी लगे हैं. मॉस्ट वांटेड विकास दुबे पर एक लाख रुपये का इनाम है. नेपाल भागने की आशंका के मद्देनजर पड़ोसी देश से सटे सात जिलों को हाई अलर्ट किया गया है.

75 जिलों में विकास दुबे के साथियों की गिरफ्तारी का अलर्ट

विकास दुबे के परिवार समेत करीब 500 लोगों के फोन को सर्विलांस पर डाला गया है. उसके करीबियों पर पुलिस की कड़ी निगरानी है. यूपी डीजीपी ने बताया कि 75 जिलों की पुलिस विकास दुबे और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए अलर्ट पर है.

डीजीपी द्वारा विकास दुबे से जुड़े मुकदमे और उसकी गिरफ्तारी के लिए चल रहे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एडीजी क्राइम के एस प्रताप कुमार को सौंपी है. साथी ही एडीजी एलओ प्रशांत कुमार, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश भी ऑपरेशन से जुड़े हुए हैं.

पोस्टमार्टम में खुलासा

कानपुर (Kanpur) में शातिर बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. पुलिस गांव में बदमाशों को पकड़ने के लिए पहुंची थी कि तभी बदमाशों ने पुलिस की टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया था. यह उत्तर प्रदेश के सबसे खूनी एनकाउंटर्स में से एक है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पुलिस पर किए गए हमले में जैसी क्रूरता बरती गई, वैसी माओवादियों (Maoists) के हमला करने का तरीका है.

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