कांग्रेस नेता कर्ण सिंह का CM योगी को पत्र, कहा-अयोध्या में भगवान ‘राम-सीता’ की मूर्ति साथ बने

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने पत्र में लिखा है कि, 'सीता जी को भूलकर केवल श्री राम की मूर्ति बनवाना न्याय पूर्ण नहीं है.

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ कर्ण सिंह ने यूपी के CM योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि अयोध्या में भगवान राम की विशालकाय मूर्ति के साथ माता सीता की भी मूर्ति बनवाई जानी चाहिए.

आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या में सरयू के किनारे भगवान राम की प्रतिमा बनवाने की घोषणा की है. प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर होगी. अयोध्या में सरयू नदी के किनारे लगभग 100 एकड़ की भूमि पर भगवान राम की प्रतिमा बनेगी.

‘सीता ने श्री राम के साथ संघर्ष किया’

इसी को लेकर डॉ कर्ण सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि अब सिर्फ ‘राम’ का नाम लेने की परिपाटी चल पड़ी है, जबकि हिन्दू धर्म में ‘सीता’ के बगैर ‘राम’ का नाम पूर्ण नहीं माना जाता.

CM योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उन्होंने कहा कि मर्यादापुरुषोत्तम को अकेले खड़े करने की जगह माता सीता की भी मूर्ति लगवाई जानी चाहिए. उन्होंने लिखा, ‘सीता ने श्री राम के साथ संघर्ष किया और महान देवी को यह स्थान दिया जाना चाहिए.अयोध्या को देवी सीता के साथ न्याय करना चाहिए’

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‘मूर्ति की ऊंचाई आधी कर देनी चाहिए’

उन्होंने कहा कि एक पत्र पहले भी मुख्यमंत्री को लिखा था जिसपर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने यह भी सलाह दी कि भगवान राम की मूर्ति की ऊंचाई तय माप से आधी कर देनी चाहिए और बगल में सीता जी की मूर्ति का भी निर्माण करवाना चाहिए.

कर्ण सिंह ने पत्र में लिखा, ‘सीता जी को भूलकर केवल श्री राम की मूर्ति बनवाना न्याय पूर्ण नहीं है. यह उस महान महिला के साथ अन्याय है जिन्होंने पूरा जीवन संघर्ष किया.

‘सीता जी को अग्नि परीक्षा से भी गुजरना पड़ा’

श्री राम से शादी के बाद वह पति के साथ जंगल गईं. इसके बाद उनका अपहरण हो गया. वानरों और राक्षसों के बीच युद्ध के बाद सीता जी को अग्नि परीक्षा से भी गुजरना पड़ा.’

उन्होंने कहा, ‘रावण पर विजय केवल राम की नहीं बल्कि सीता जी की भी थी. इसके बाद जब वह अयोध्या लौटीं तो प्रपंच की वजह से फिर से उन्हें जंगल जाना पड़ा और तब वह गर्भवती थीं.’

अभी तक चीन में गौतम बुद्ध की सबसे ऊंची प्रतिमा

भगवान राम की प्रस्तावित प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर होने से यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. अभी तक चीन में स्थापित गौतम बुद्ध की प्रतिमा विश्व में सबसे ऊंची है. इसकी ऊंचाई 208 मीटर है. गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है.

न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर है. मुंबई में निर्माणाधीन बाबा साहब की मूर्ति की ऊंचाई 137.2 मीटर है, जबकि छत्रपति शिवाजी महराज की प्रतिमा 212 मीटर ऊंची बनाई जा रही है.

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