योगी की दो टूक- महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदतमीजी करने वालों को छोड़ेंगे नहीं, लगेगा NSA

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजियाबाद में जिन लोगों ने ये हरकत की, उस प्रवृत्ति के लोगों के साथ पूरी सख़्ती की जानी चाहिए और उन्हें कानून का पालन करना सिखाना चाहिए. उन्होंने इस घटना के लेकर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
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कोराना वायरस महामारी के बीच लोगों को सुरक्षा के साथ चिकित्सीय सहायता देने वाले कोरोना वॉरियर्स के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है. सीएम योगी ने आदेश दिया है कि पुलिस और मेडिकल टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई होगी.

उन्होंने कहा कि इंदौर जैसी घटना यूपी में किसी कीमत पर नहीं होनी चाहिए. वहीं गाजियाबाद की घटना को लेकर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए. उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में जिन लोगों ने ये हरकत की, उस प्रवृत्ति के लोगों के साथ पूरी सख़्ती की जानी चाहिए और उन्हें कानून का पालन करना सिखाना चाहिए.

गाजियाबाद की घटना पर सीएम योगी ने कहा कि ये ना क़ानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे. ये मानवता के दुश्मन हैं. जो इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किया है, वह जघन्य अपराध है, इन पर रासुका (एनएसए) लगाया जा रहा है, हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं.

प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि जहां भी अभी तक ऐसे मामले सामने आए हैं, वहां पर तत्काल कार्रवाई हो. इसके साथ ही अब जहां कहीं भी ऐसा मामला होता है तो दोषी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए.

प्रदेश में बना कोविड केयर फंड

आमजन के सहयोग से प्रदेश को हर तरह-तरह की आपदा से लड़ने के लिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये फंड बनाया गया है. फंड में पहला योगदान प्रदेश के बेसिक शिक्षकों और शिक्षाधिकारियों ने दिया है.

क्वारंटाइन से कोई भागा तो देना होगा जवाब

यूपी-यूपी में क्वारंटाइन में रखे गए लोगों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अगर ऐसे लोग भागे तो डीएम, एसएसपी, एसपी की जवाबदेही तय होगी. सरकार पूरे लॉकडाउन के दौरान अब हर तरह की सख्ती कर रही है.

क्या है एनएसए

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) राज्य के तहत कानून व्यवस्था की स्थितियों को बनाए रखने के क्रम में किसी भी नागरिक को हिरासत में लिया जा सकता है. इस कानून के तहत व्यक्ति को एक साल के लिए जेल में रखा जा सकता है. राज्य सरकार को इसके लिए यह बताना होता है कि संबंधित व्यक्ति पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है. साथ ही आरोप तय किए बिना उसे 10 दिनों तक जेल में रखा जा सकता है.

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