Credit Card के जरिए दो जालसाजों ने 6000 लोगों को लगाया चूना, जानें ठगी से बचने के आसान टिप्स

जालसाजों की पहचान कौटिल्य शर्मा और राज सक्सेना के रूप हुई है, जो कि राजस्थान के रहनेवाले हैं. दोनों को मंगलवार की रात गौर सिटी मॉल चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है.
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ग्रेटर नोएडा से क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी करने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ये दोनों शख्स क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और नया कार्ड देने के बहाने ठगी कर रहे थे. दोनों ने 6 हजार लोगों के नाम पर क्रेडिट कार्ड बनवाया और पैसे निकाले. आरोपी क्रेडिट कार्ड से पैसे निकालने के बाद उसे फेंक देते थे. बैंक की शिकायत के बाद हुई पड़ताल में इन्हें पकड़ा गया है.

जालसाजों की पहचान कौटिल्य शर्मा और राज सक्सेना के रूप हुई है, जो कि राजस्थान के रहने वाले हैं. दोनों को मंगलवार की रात गौर सिटी मॉल चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी गौर सिटी-2 सोसायटी में रह रहे थे. आरोपियों के मोबाइल में 25 हजार से अधिक लोगों का पर्सनल डाटा मिला है, जिसमें आधार और पैन कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट शामिल हैं. आरोपियों से 29 आधार कार्ड, 19 क्रेडिट कार्ड, 19 कंपनियों की सैलरी स्लिप, 8 मोबाइल भी बरामद हुए हैं.

कौटिल्य और राज ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के पीए को भी अपना शिकार बनाया था. इस मामले में दोनों ने जेल में 18 महीने की सजा काटी और बाहर आते ही राजस्थान चले गए.

लोगों को यूं बनाते थे शिकार

आरोपियों का सबसे आसान शिकार वो कस्टमर थे जिन्हें अपना क्रेडिट कार्ड अपडेट करवाना होता था. आरोपी कार्ड अपडेट करने के बहाने कस्टमर्स से उनका मौजूदा कार्ड ले लेते थे और उनके सामने कार्ड काट देते थे आरोपी चकमा देने के लिए कार्ड को यूं काटने थे कि उसकी मैग्नेटिक स्ट्रिप सही सलामत रहे. बाद में इन कार्ड्स का क्लोन तैयार कर पैसे निकाल लिए जाते थे.

तेजी से बढ़ रहे क्रेडिट-डेबिट कार्ड फ्रॉड, आसान भाषा में जानें बचने का तरीका

इतना ही नहीं आरोपियों ने मॉल और आसपास के क्रेडिट कार्ड अप्लाई कराने वाले लोगों से भी दोस्ती कर राकी थी. वो इन लोगों से अप्लाई करने वालों के डॉक्यूमेंट खरीद लेते थे. इसके बाद इन डॉक्यूमेंट में हेरफेर कर फ्रॉड को अंजाम देते थे. आरोपी क्रेडिट कार्ड के हर एप्लिकेशन फॉर्म में अपनी ही फोटो लगाते थे. पहचान छुपाने के लिए वो दाढ़ी, मूछ और हेयरस्टाइल में फेरबदल करते रहते थे.

डेबिट-क्रेडिट कार्ड यूजर, फ्रॉड से बचने के लिए आजमाएं ये टिप्स

  • क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करने जा रहे हैं तो किसी एजेंट की बजाय डायरेक्ट बैंक से कॉन्टैक्ट करें.
  • नया क्रेडिट कार्ड अप्लाई करते वक्त ये ध्यान रखें कि पुराने कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाए.
  • कई बार लोगों को फर्जी फोन कॉल आते हैं, सामने वाला खुद को बैंक मैनेजर बताता है, आपके अकाउंट को सिक्योर रखने की बात करता है और बदले में आपका कार्ड पिन पूछता है. ऐसे में गलती से भी अपनी पिन डिटेल्स शेयर न करें और तुरंत फोन कॉल की रिपोर्ट करें.
  • दोस्ती यारी अपनी जगह और डेबिट/क्रेडिट कार्ड अपनी जगह. गलती से भी अपना कार्ड किसी को न दें, फिर चाहे वो कितना ही सगा क्यों न हो. कई लोग कार्ड के ऊपर पासवर्ड भी लिख देते हैं, जिससे चोरों का काम और आसान हो जाता है. इसके अलावा अपने बैंक से लिंक फोन नंबर को इस्तेमाल में रखें और अपडेट करते रहें.
  • कभी-कभी एटीएम मशीन में स्किमर डिवाइस लगे होते हैं, ताकि कार्ड का डाटा कॉपी किया जा सके. पैसे निकालने से पहले, स्वैपिंग एरिया के पास हाथ घुमाकर जांच लें कि कोई स्किमर तो नहीं है, और कोई चीज नजर आए तो रुक जाएं. साथ ही कीपैड का एक कोना दबाकर भी परख लें, अगर कीपैड में स्किमर होगा तो उसका एक सिरा बाहर आ जाएगा.
  • आजकल बहुत सी फिशिंग वेबसाइट आ रही हैं जो कम कीमत में सामान बेचने का दावा करती हैं. अक्सर सस्ते के चक्कर में लोग इन वेबसाइट के जरिए हो रही लूट का शिकार हो जाते हैं. इसलिए, किसी भी नयी वेबसाइट पर जाने से पहले एक बार गूगल पर उसे सर्च कर लें, और इन वेबसाइट पर पेमेंट के लिए कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन ही चुनें.
  • होटल, पेट्रोल पंप, दुकान जैसी जगहों पर कार्ड क्लोनिंग के मामले जोर पकड़ते हैं, इसलिए सावधानी बरतें. इसके अलावा कुछ चालाक दुकानदार मशीन में एक्चुअल की बजाय बढ़ाकर अमाउंट डाल देते हैं, और यूजर गलती से ज्यादा पैसे पे कर देता है. स्वैपिंग के लिए कार्ड देते वक़्त पेमेंट अपने सामने ही करें,और अमाउंट चेक कर लें.
  • इंटरनेशनल ऑनलाइन शॉपिंग करते हुए क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर सिर्फ कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और सीवीवी नंबर जरुरी होता है, पासवर्ड या ओटीपी के बिना भी आसानी से शॉपिंग हो सकती है. ऐसे में किसी दुकान पर क्रेडिट कार्ड के जरिए बिल पेमेंट करते वक़्त कार्ड को यूं रखें कि आपका सीवीवी नंबर कोई देख न सके.
  • अब बात आती है कि आप गलती से ऐसे किसी फ्रॉड के शिकार हो ही जाएं तो क्या करें ? इसके लिए एक नंबर है शिकायत दर्ज करने के लिए फोन पर ‘Problem’ टाइप करें और इस नंबर पर भेज दें. साथ ही साथ अपना डेबिट कार्ड ब्लॉक करवा दें. ध्यान देने वाली बात यह भी है कि शिकायत तीन दिनों (वर्किंग) के अंदर दाख़िल हो जानी चाहिए.

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