दलित दूल्‍हे को गांव के मंदिर में ऊंची जाति वालों ने घुसने नहीं दिया, अमरोहा में फैला तनाव

पुलिस कह रही है कि यह दो परिवारों के बीच का मामला है, इसे जातिगत हिंसा के रूप में न देखा जाए.

नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के अमरोहा में दलित दूल्‍हे और उसके रिश्‍तेदार का मंदिर में प्रवेश न देने से तनाव फैल गया है. गांववालों के अनुसार, शादी से ठीक पहले शोभित जाटव भगवान का आशीर्वाद लेना चाहता था, मगर अगड़ी जाति के पुरुषों ने रोक दिया. वो कहते हैं कि यह तीसरी ऐसी घटना है जिससे दलितों में खासी नाराजगी है. मामला हसनपुर थाने की सीमा में आने वाले मकानपुर सुमाली गांव का है.

दूल्‍हे के पिता ने एफआईआर दर्ज करा दी है. उन्‍होंने टाइम्‍स ऑफ इंडिया से कहा, “न सिर्फ उनका (दलितों) रास्‍ता बंद किया गया, बदमाशों ने दूल्‍हे की अंगूठी और नोटों वाली माला भी छीनने की कोशिश की.” पुलिस ने चार लोगों- रामावतार सिंह, रामनिवास, बंटी और अंकित को नामजद कर गांव के कुछ अन्‍य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. हसनपुर थाना प्रभारी संजय प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है.

दो दिन पहले भी हुआ था झगड़ा?

हालांकि पुलिस कह रही है कि यह दो परिवारों के बीच का मामला है, इसे जातिगत हिंसा के रूप में न देखा जाए. सिंह ने कहा, “जाटवों और चौहानों के दो परिवारों के बीच रंजिश पनप चुकी थी. शादी से दो दिन पहले, दोनों तरफ से लोग एक संगीत कार्यक्रम में आमने-सामने आ चुके थे. इसी के बाद 13 मई को झगड़ा हुआ. आरोपी का घर मंदिर के नजदीक है. जब शोभित अपनी बारात से निकलने से पहले वहां पूजा करने जा रहा था तो कुछ चार लोगों ने उसे पीटने की कोशिश की. फिर दो समूहों के बीच हाथापाई हुई.”

मामले में पुलिस ने हस्‍तक्षेप किया तो अगले दिन शोभित और उसकी पत्‍नी ने सुरक्षा के बीच मंदिर में दर्शन किया. अमरोहा एसपी ने कहा कि उन्‍होंने स्‍थानीय लोगों को हालात पर नजर रखने को बोला है. एसपी ने कहा कि दूल्‍हे को मंदिर में घुसने से किसी ने नहीं रोका, जबकि युवक और उसके पिता ने ठीक इसके उलट बयान दिया है. मामले की जांच चल रही है.

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