UP की गौशालाओं में नहीं थम रहा गायों की मौतों का सिलसिला, CM योगी ने 8 अफसरों को किया सस्पेंड

ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि इन गायों की मौत चारे के आभाव और गंदगी की वजह से हुई है.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की सरकारी गौशालाओं में सैकड़ों गाय-बैलों की मौत की खबरें पिछले दिनों आई हैं. इन गायों की मौत की मुख्य वजह गौशालाओं की बदइंतजामी बताई जा रही है. इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने आठ अफसरों को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही उन्होंने इन गौशालाओं में बदइंतजामी को दूर करने के आदेश भी दिए हैं.

‘बढ़ती उम्र से हो रही मौतें’ 
गौशालाओं में हो रही गायों की मौतों को लेकर सरकार की ओर से कोई आंकड़ा पेश नहीं किया गया है. हालांकि कुछ लोगों द्वारा ये दावा किया जा रहा है कि गायों की संख्या सैकड़ों में है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि इन गायों की मौत चारे के आभाव और गंदगी की वजह से हुई है. वहीं, प्रशासन की ओर से इन गायों की मौत की वजह इनकी बड़ी उम्र बताई जा रही है.

बाराबंकी और सोभद्र स्थित गौशालाओं के केयर टेकर दयाराम से एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि जिन पशुओं की मौत हुई है, वह पहले बाहर आवारा घूमते थे. उन्होंने कहा कि अब उन्हें गौशाला लाकर बंद कर कर दिया गया. चारे की कमी की वजह से उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी पहले से कम हुई है. बाहर से आए ज्यादातर पशुओं के पेट से प्लास्टिक मिली है. जो इनकी मौत की बड़ी वजह थी.

गौ संरक्षण के लिए 600 करोड़ रुपये
बता दें कि राज्य सरकार ने अपने बजट में गायों की देखभाल और रखरखाव के लिए भारी बजट का ऐलान किया था. यूपी सरकार की ओर से 2019-20 के बजट में गौ संरक्षण के लिए कुल 600 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था. इस रकम में से 250 करोड़ रुपये गांवों जबकि 200 करोड़ रुपये शहरों में बने गौशालाओं के लिए तय किया गया था.

इसके साथ ही 165 करोड़ रुपये के करीब की रकम गायों की हिफायत के लिए खर्च किया जाना था. इन सबके बावजूद गौशालाओं में हो रही गायों की मौतों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.

ये भी पढ़ें-

LIVE: मुंबई के डोंगरी में ढही इमारत, 12 लोगों की मौत, 15 परिवारों को बचाने की जद्दोजहद में NDRF

राज्यसभा में NIA बिल आज किया जाएगा पेश, BJP ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप

कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट आज सुनाएगी अहम फैसला