फर्रुखाबाद: बंधक बच्चों के मामले पर CM योगी सख्त, डीएम-एसपी को लगाई फटकार

टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि आरोपी ने अबतक आरोपी ने अपनी मांगी नहीं बताई है. बंधकों को छुड़ाने की कोशिश जारी हैं. एटीएस की टीम फर्रुखाबाद पहुंच गई है.
farrukhabad incident CM Yogi, फर्रुखाबाद: बंधक बच्चों के मामले पर CM योगी सख्त, डीएम-एसपी को लगाई फटकार

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बंधक बने बच्चों के मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाई है. उन्होंने डीएम और एसपी को फटकार लगाई है. सीएम योगी ने कहा कि पिछले 7 घंटे से पुलिस क्या कर रही है.

इस मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आपात बैठक बुलाई. सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. बच्चों को बचाना हमारी प्राथमिकता है. अधिकारियों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं.

टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि आरोपी ने अबतक आरोपी ने अपनी मांगी नहीं बताई है. बंधकों को छुड़ाने की कोशिश जारी हैं. एटीएस की टीम फर्रुखाबाद पहुंच गई है.

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक शख्स ने बच्चों को बंधक बना लिया है. 15 से 20 बच्चों को बंधक बनाया गया है. फर्रुखाबाद की घटना के बाद यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बच्चों के बंधक बनाए जाने की घटना की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, बंधक बनाए जाने वाले शख्स ने अंदर से गोलीबारी भी की है.

फिलहाल प्रशासन के बड़े अधिकारी स्थिति से निपटने में लगे हैं. गोली चलाने वाला मंदबुद्धि बताया जा रहा है. शख्स का नाम सुभाष बाथम है. उसकी एक बेटी भी है जिसकी उम्र 10 साल है.

बेटी के जन्मदिन का बनाया बहाना

सुभाष बाथम ने मोहल्‍ले के बच्‍चों से कहा कि उसकी बेटी का जन्‍मदिन है, इस तरह उसने 15 से 20 बच्‍चों को बुला लिया और इसके बाद दरवाजे बंद कर दिए. बाद में कुछ बच्‍चों के रोने की आवाज आई तो पड़ोस के लोग वहां पहुंचे. इसके बाद पड़ोसियों ने बच्‍चों को छोड़ने को कहा तो सुभाष बाथम ने कहा कि पहले विधायक नागेंद्र सिंह राठौर को बुलाओ, उसके बाद बच्‍चों को छोड़ा जाएगा.

हरकत में आया प्रशासन

सुभाष की इस मांग के बाद तुरंत पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और विधायक को मौके पर बुलाया गया. विधायक के आने के बाद सुभाष को बताया गया कि विधायक आ गए हैं. सुभाष से संपर्क साधने के लिए गांव के ही एक व्‍यक्ति को बुलाया गया, जो सुभाष के साथ काफी उठता-बैठता था, लेकिन ये ट्रिक काम नहीं आई, क्‍योंकि जैसे वो आदमी खिड़की के पास सुभाष से बात करने आया, उसने गोली चला दी. गोली उस शख्‍स के पैर में लगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो साल पहले सुभाष ने अपने मौसा की हत्या कर दी थी. पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था. सुभाष एक साल पहले वह जमानत पर छूटकर बाहर आया था.

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