CRPF कैंप पर हमला करने वाले PoK के 2 आतंकियों समेत 4 को फांसी की सजा, 12 साल बाद फैसला

इन आतंकियों ने 31 दिसंबर 2007 की रात में रामपुर स्थित CRPF कैंप पर हमला किया था. इसमें सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हो गए थे.

उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप पर 12 साल पहले हुए आतंकी हमले के मामले में शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया है. अदालत ने चार आतंकियों को फ़ांसी, एक को उम्रकैद और एक को 10 साल की सज़ा सुनाई है ​जबकि दो अभियुक्तों को हमले में सीधे तौर पर भूमिका ना होने के चलते दोषमुक्त कर दिया गया है.

बता दें रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के गेट नंबर तीन से कि 31 दिसंबर 2007 की रात को भीतर घुसकर आतंकियों ने हमला किया था. इसमें सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हो गए थे. वही, गोलीबारी में एक रिक्शा चालक की जान भी गई थी. यह मामला 31 दिसंबर 2007 और 1 जनवरी 2008 की मध्य रात्रि का है.

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने इमरान शहजाद, मो. फारुख (दोनों पीओके), फहीम अंसारी (मुंबई), सबाउद्दीन सबा (मधुबनी), कौसर (प्रतापगढ़), गुलाब खान (बरेली), जंग बहादुर उर्फ बाबा खान (मुरादाबाद) और मोहम्मद शरीफ (रामपुर) को गिरफ्तार किया था.

वकील दलविंदर सिंह डंपी ने बताया कि इमरान शहजाद, मोहम्मद फारुख, मोहम्मद शरीफ (पीओके निवासी) और सबाउद्दीन को फांसी, जबकि जंग बहादुर को उम्रकैद और फहीम अंसारी को 10 साल की सजा मिली है. फहीम के पास पासपोर्ट और पिस्टल मिली थी. उसे आईपीसी की धारा 420, 467, 471, 200, 25/1/ए के तहत दोषी पाया गया.

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