पार्टी के दौरान खुद शराब और मीट से रहता था विकास दुबे कोसों दूर, CCTV-बाग और सबसे भरोसेमंद पड़ोसी

गैंगेस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) ने बाग को ही अपना फायरिंग रेंज बना रखा था. बाग में आज भी गोलियों के निशान हैं. बाग में पेड़ों पर गोलियां बरसाता था. वो गुर्गों के साथ बाग में विकास असलहों से निशानेबाजी करता था.
, पार्टी के दौरान खुद शराब और मीट से रहता था विकास दुबे कोसों दूर, CCTV-बाग और सबसे भरोसेमंद पड़ोसी

उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विकास दुबे कानपुर हत्याकांड के छह दिन बाद भी फरार है. यूपी पुलिस की तमाम टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं. पुलिस अबतक उसके कई ठिकानों पर दबिश कर चुकी है. विकास के गांव में मौजूद हर घर को खंगाला गया है लेकिन अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है. इस बीच मामले से जुड़े कई अहम अपडेट्स सामने आए हैं…

1. गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी ऋचा लखनऊ में बैठकर पुलिस की हर मूवमेंट को अपने पति को बता रही थी. ऋचा घर में लगे CCTV कैमरे को अपने मोबाइल फोन से देखती थी. वो CCTV कैमरे को फोन पर एक्सेस करती थी. घटना वाले दिन गैंगेस्टर ने साढ़े 9 बजे तक पत्नी से बात की थी. विकास ने पत्नी से CCTV कैमरों पर नजर रखने और आने वाले लोगों की लोकेशन बताने की बात कही थी.

2. विकास, पत्नी व उसके बच्चों के पासपोर्ट लखनऊ से बने थे. पासपोर्ट बनवाने में गैंगेस्टर नें कानपुर का पता छिपाया था. एलआईयू ने अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी है. पासपोर्ट की जांच कराने के बाद निरस्त कराने को कहा गया है. एलआईयू जांच में खुलासा हुआ कि विकास अपने बच्चों को कभी गांव नहीं लाता था. बच्चे लखनऊ में रहते थे. गांव वाले विकास के बच्चे को भी नहीं पहचानते हैं.

3. गैंगेस्टर विकास ने बाग को ही अपना फायरिंग रेंज बना रखा था. बाग में आज भी गोलियों के निशान हैं. बाग में पेड़ों पर गोलियां बरसाता था. सूत्रों की मानें तो अपने गुर्गों के साथ बाग में विकास असलहों से निशानेबाजी करता था. पेड़ से घंटा लटकाकर उसमें 10 मीटर की दूरी से गुर्गे अपने अपने असलहे से निशाना लगाते थे. सटीक निशानेबाज को विकास इनाम देता था. बाग में गुर्गों के लिए दारू-मुर्गे की पार्टी होती थी.

4. मोस्टवांटेड विकास के घर शराब-कबाब की पार्टी के बीच अपराध की पटकथा लिखी जाती थी. कुख्यात अपराधी विकास हर महीने अपने घर में 4 पार्टी देता था. पार्टी में शामिल आस-पास के जिलों के शातिर शूटर शामिल होते थे. पार्टी खत्म होने के बाद शूटर शराब पीते थे. विकास खुद शराब और मीट नहीं खाता था लेकिन मेहमानों को खिलाता था. सुरक्षा के लिहाज से 4 शार्प शूटर तब भी शराब को हाथ नहीं लगाते थे. पार्टी के बाद विकास सभी से एक-एक करके बात करके अपनी मंशा से वाकिफ कराता था. किस घटना को कब, कहां और कैसे अंजाम देना है, या किस सम्पत्ति का क्या करना है, इन सबकी पटकथा लिखी जाती थी.

5. कानपुर के मास्टरमाइंड मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास के गनर बब्बन शुक्ला को भगाने वाले तीन रिश्तेदार हिरासत में हैं. कल्याणपुर के भाऊपुर में 2 दिन पहले विकास का गनर बब्बन रिश्तेदार के घर आया था. पुलिस पकड़ने के लिए घेराबंदी करती, इससे पहले ही वो रिश्तेदार के मदद से कटरी के रास्ते फरार हो गया. पुलिस की पूछताछ में बब्बन को भगाने में मदद करने की बात रिश्तेदार ने कबूली है. उन्नाव सीमा तक गनर बब्बन को रिश्तेदार पहुंचाए थे. गंगा कटरी फतेहपुर और उन्नाव की सीमा पर छिपे होने की आशंका है. शातिरों के छिपने का ठिकाना गंगा कटरी है. दर्जनों गांव पुलिस की रडार पर है. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का सबसे भरोसेमंद पड़ोसी होने के साथ ही हर हथियारों को चलाने में गनर बब्बन शुक्ला माहिर है.

6. विकास के करीबियों के अलावा उसके मददगारों की तलाश जारी है. धन, वाहन आदि उपलब्ध कराने वाले मददगारों की कुंडली खंगालने में पुलिस जुटी है. कारोबारी समेत कई राजनीतिक और बड़े लोग विकास के सम्पर्क में रहकर अपने प्रतिद्वंद्वी को साफ करने के लिए विकास की मदद लेते थे. पूछताछ में 2 दर्जन से अधिक लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस की 2 टीमें सबूत जुटाने में लगी हैं.

7. आईजी बिल्हौर नें 15 पुलिसकर्मियों के लिए बयान, सीओ बिल्हौर कार्यालय के पर्सनल कम्प्यूटर के सीपीयू और जरूरी कागजात सीलकर फोरेंसिक टीम को सौंपा है. तीन घंटे की जांच-पड़ताल के बाद आईजी लक्ष्मी सिंह जांच अधूरी कहकर चली गईं. सीओ बिल्हौर के गोपनीय मैटर कम्प्यूटर आपरेटर व महिला सिपाही टाइप करती थी. आईजी ने महिला सिपाही सरिता से काफी देर तक पूछताछ की. सरिता ने बताया कि विकास दूबे पर धारा हटाने वाला पत्र भी उसी ने लिखा था.

8. आयकर विभाग विकास के फंड मैनेजर की कुंडली खंगालेगा. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विकास व उसके करीबियों की प्रॉपर्टी की डिटेल तैयार की जा रही है. सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग की बेनामी विंग और आयकर निदेशालय(जांच) दोनों की इस मामले की जांच कर सकते हैं. विकास की काली कमाई, दुबई और बैंकाक में करोड़ों की प्रॉपर्टी, कानपुर और आसपास 12 मकान, 21 फ्लैट की सूचना, पनकी में एक 2 करोड़ का ड्यूप्लेक्स भी है.

9. चौबेपुर में पांच साल से तैनात दारोगा-सिपाहियों की जांच होगी. पूरे थाने को लाइन हाजिर करने से पहले पुलिस अफसरों ने सूची तलब की. सभी से पूछताछ होगी. आईजी लखनऊ की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी. दूसरे थाने के दारोगा को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करने के लिए तैनात किया गया है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

10. नक्सलियों से असलहा सप्लाई करने वाले गनहाउस से विकास ने 30स्प्रिंगफील्ड राइफल खरीदी थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि विकास के भाई के नाम भी राइफल थी. केस दर्ज होने के बाद भी लाइसेंस बन गया था. विकास राजनीतिक रसूख का प्रयोग कर अपने करीबियों के राइफल, पिस्टल, रिवाल्वर व बंदूक का लाइसेंस बनवाता था. गनहाउस से विकास की सांठगांठ थी. विकास जितनी चाहता था, उतनी गोलियां लेता था. एसएसपी के आदेश पर जांच शुरू हुई है. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस बनवाने की आशंका है.

11. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के परिजनों के असलहा लाइसेंस की जांच शुरू हो गई है. विकास, उसकी पत्नी और पिता के नाम पर भी लाइसेंस तलाशे जा रहे हैं. विकास के साथ रहने वाले ग्राम प्रधान, कोटेदार समेत अन्य लोगों पर पुलिस की नजर है. पुलिस रिपोर्ट के बाद निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी.

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