गाजियाबाद: पटाखा फैक्ट्री धमाके में 8 लोगों ने तोड़ा दम, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान

इस फैक्ट्री में केक पर लगाने वाले पेंसिल बम और मोमबत्ती बनाई जाती थी. फैक्ट्री में हादसे के वक़्त भी दर्जन भर से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे जिनमें ज्यादातर महिलाएं और नाबालिग बच्चे थे. जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है.
Ghaziabad Explosion in candle making factory, गाजियाबाद: पटाखा फैक्ट्री धमाके में 8 लोगों ने तोड़ा दम, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान

उत्तर प्रदेश (UP) के गाजियाबाद (Ghaziabad) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां जिले के मोदी नगर (Modi Nagar) इलाके में पटाखा और मोमबत्ती बनाने वाली फैक्ट्री में जोरदार धमाके के बाद आठ लोगों की जान चली गई है. साथ ही चार लोग घायल हैं.

जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. वहीं घायलों को 50-50 हजार की राहत राशि दी जाएगी. डीएम अजय शंकर पांडे का कहना है कि आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होगी. वहीं मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है.

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सीएम ने शाम तक मांगी जांच रिपोर्ट

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री कार्यलय ने एक बयान जारी कर कहा, “CM ने गाजियाबाद के मोदीनगर के बखरवा गांव में मोमबत्ती कारखाने में आग लगने की घटना में DM एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचकर घटना के घायलों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं और घटनास्थल की जांच कर आज शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है.”

फैक्ट्री में बनाए जाते थे केक पर लगाने वाले पेंसिल बम

जानकारी के मुताबिक, धमाके के बाद लगी आग पर फायर ब्रिगेड ने काबू पा लिया है. इस फैक्ट्री में केक पर लगाने वाले पेंसिल बम और मोमबत्ती बनाई जाती थी. फैक्ट्री में हादसे के वक़्त भी दर्जन भर से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे जिनमें ज्यादातर महिलाएं और नाबालिग बच्चे थे.

छप्पर में आग लगने के कारण फंसे लोग

बताया जा रहा है कि धमाके के बाद आग सबसे पहले एक छप्पर में लगी, जिसके कारण लोग अंदर फंस गए. जलने की वजह से इन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. इस फैक्ट्री में आसपास के इलाकों के लोग काम करते थे. इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.

चौकी इंचार्ज सस्पेंड, न्यायिक जांच के आदेश

लापरवाही बरतने के लिए स्थानीय चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है साथ ही, मामले की न्यायिक जांच के आदेश भी दे दिए लेकिन हादसे के बाद से ही फैक्ट्री के संचालक मौके से फरार है, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, लेकिन सवाल ये है कि जब ये फैक्ट्री क‌ई सालों से अवैध रूप से इस ग्रामीण इलाके में चल रही थी तो प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की? आखिर हादसा होने और क‌ई लोगों की जान जाने पर ही प्रशासन की नींद क्यों टूटी?

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