यूपी: बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 10 की मौत, CO-इंस्‍पेक्‍टर समेत 11 पर गिरी गाज

कई की हालत गंभीर है, मरने वालों की संख्‍या बढ़ने की आशंका है.

नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई. मामला रामनगर थाने के रानीगंज का है. रिपोर्ट्स के अनुसार, शराब पीने के बाद कई लोगों को दिखना बंद हो गया. मंगलवार दोपहर होते-होते 10 लोगों की मौत हो गई.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए डीएम-एसपी को मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात भी कही है. प्रमुख सचिव (आबकारी) से भी तत्‍काल जांच कर एक्‍शन लेने को कहा गया है. यूपी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये दिए जाने का फैसला हुआ है. जांच कमेटी बनाई है, 48 घंटे में रिपोर्ट देंगे. जांच समिति तय करेगी, कौन-कौन जबावदेह है.

पुलिस महानिदेशक (आईजी) ओपी सिंह ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) पवन गौतम और पुलिस निरीक्षक रामनगर राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है. उप्र के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले में अभी तक जिला आबकारी अधिकारी और तीन हेड कॉन्स्टेबल और पांच कांस्टेबल को भी निलंबित कर दिया गया है.

परिवार में लाशों को कंधा देने वाला कोई नहीं

पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी के पीआरओ शैलेन्द्र आजाद के मुताबिक, “मरने वालों में एक ही परिवार के चार सदस्‍यों- रमेश कुमार, सोनू, मुकेश और छोटेलाल की मौत हो गई है.” रमेश की पत्नी रामावती ने बताया कि घर में शव को कंधा देने वाला भी कोई नहीं बचा.

इसके अलावा सोनू पुत्र सुरेश, राजेश (35) पुत्र सालिक राम, सूर्यभान पुत्र सूर्य बख्श, राजेंद्र वर्मा पुत्र जगमोहन निवासी उमरी, महेंद्र पुत्र कप्तान सिंह निवासी सेमराय, महेंद्र पुत्र दलगंजन निवासी ततेहरा की मौत की सूचना है. ग्रामीणों का आरोप है कि दानवीर सिंह की नकली शराब बनाने की एक अवैध फैक्ट्री है. यह नकली शराब उसकी सरकारी ठेके वाली दुकान पर बेची जाती है.

एक के बाद CHC पहुंचने लगे लोग

मिली जानकारी के अनुसार, ये मामले रामनगर थानाक्षेत्र के अलग-अलग गांवों के हैं. बताया जा रहा है कि इन लोगों ने सोमवार की रात रानीगंज कस्बा स्थित देशी शराब की दुकान से शराब खरीद कर पी थी. सभी को पेट दर्द व उल्टी-दस्त की शिकायत पर सीएचसी पर ले जाया गया. जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार रात 9 बजे के आसपास लोगों के सूरतगंज स्थित सीएचसी आने का सिलसिला शुरू हुआ. गंभीर हालात देखकर डॉक्‍टरों ने पुलिस बुला ली. इसके बाद आबकारी विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. बाराबंकी जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी पहुंचे और घटना का जायजा लिया.

11 जनवरी 2018 को जिले के देवा और रामनगर क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर 11 लोगों की मौत हुई थी. सभी को पेट दर्द व उल्टी-दस्त की शिकायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्रथमदृष्टया मौतों का कारण जहरीली शराब अथवा स्प्रिट का सेवन बताया जा रहा था.

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