लॉकडाउन: उत्तर प्रदेश में पान मसाला पर रोक के बाद भी कालाबाजारी

कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने 25 मार्च से पूरे राज्य में पान मसाला पर बैन लगा दिया था.
illegal trading of pan masala in UP after ban, लॉकडाउन: उत्तर प्रदेश में पान मसाला पर रोक के बाद भी कालाबाजारी

कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण से बचने के लिए हुए लॉकडाउन (lockdown) में उत्तर प्रदेश सरकार ने पान मसाला एवं गुटका की बिक्री पर बैन लगा दिया है. फिर भी प्रदेश के अनेक शहरों में थोक व फुटकर विक्रेता दो गुना दाम पर इसे बेंच रहे हैं. रोक के कारण चोरी छुपे गली कूचे में भी पान मासला अपनी कीमत से दो गुना रेट पर बिक रहा है. कमला पसंद छोटा का रेट 6 रुपये का एक तो रजनीगंधा की 10 रुपये वाला 15 का मिल रहा है. इसी तरह 5 रुपये वाली खैनी 10 की मिल रही है. सिगरेट भी बढ़े दामों पर बिक रहे हैं.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

पान-मसाला बिज़नेस से जुड़े एक बिजनेसमैन ने बताया, “उत्तर प्रदेश में कानपुर में सबसे ज्यादा पान मसाले की खपत है. यहां पर केसर और कमला पसंद की फैक्ट्री भी है. यहां से कई टनों माल बाहर भेजा जाता है. लेकिन इन दिनों लॉकडाउन के चक्कर में सभी पूरी तरह बंद है. अगर पान मसाला बिक रहा होगा तो जो पहले से स्टाक किया होगा उसे ही बेंच रहा होगा. यह गलत है. इस पर रोक होनी चाहिए.”

वहीं लखनऊ के एक किराना मर्चेन्ट से जुड़े व्यापारी ने बताया, “जिन थोक व्यापारियों के यहां पान मसाला और गुटके का स्टाक है वह इसे चुपचाप बेच रहे हैं. ज़रूरी सामानों की सप्लाई की आड़ में पान मसाला के थोक कारोबारी चोरी छुपे गुटका, खैनी एवं पान मसाले को भी अपनी दुकान से निकाल दे रहे हैं.” लखनऊ में आलमबाग, कृष्णानगर, इन्दिरा नगर, गोमती नगर, आलम नगर, राजाजी पुरम् में पान मसाला बिक रहा है. इसी प्रकार कानपुर में गोविन्द नगर, बर्रा, कर्रही, दमोदर नगर, जरौली, नया गंज, माल रोड गुटखा बड़े आराम से मिल रहा है. अधिकांतर दुकानदारों ने गुटके का दाम भी दोगुना कर दिया है. फुटकर व्यापारियों का कहना है कि थोक व्यापारी इसे बंद कर दें तो हम न बेंचे. लोग हमसे बार-बार मसाला मांग रहे हैं.

लखनऊ व्यापार मण्डल के महामंत्री अमरनाथ मिश्रा ने बताया, “राजधानी में करीब 50 करोड़ के पान-मसाले की खपत है. जिसमें 88 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है. अगर 50 करोड़ की खपत है तो लगभग 45 करोड़ रूपये का नुकसान है.” उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद है. देश को सुरक्षित रखने के लिए वह अपना नुकसान सह रहे हैं. ऐसे कुछ लोग हैं जो कालाबजारी कर रहे हैं. सभी को देश हित में लॉकडाउन का पालन करना चाहिए. इस समय देश एक महामारी से गुजर रहा है. अगर नहीं संभले तो पूरी नस्ल बेकार हो जाएगी.”

कानपुर किराना मर्चेन्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अवधेष बाजपेयी ने बताया, “कानपुर में पान-मसाले की खपत बहुत है. कानपुर बहुत बड़ा बाजार है. लेकिन अभी देश में लॉकडाउन चल रहा है. इस समय बैन है. इसका पालन सभी फैक्ट्री वाले कर रहे हैं. जो स्टाक रखे हैं वही कालाबाजारी कर रहे होंगे. उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए. लॉकडाउन समाज की एक व्यवस्था है, सभी को इसका पालन करना चाहिए.”

ज्ञात हो कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 25 मार्च से पूरे राज्य में पान मसाला पर बैन लगा दिया है. राज्य सरकार ने यूपी में पान मसाला के प्रोडक्शन , डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

-IANS

Related Posts