अमेठी में ट्रक में लादकर क्यों ले जाई जा रही थीं EVM मशीनें

ये पूरा मामला अमेठी के गौरीगंज स्थित मनीषी महिला महाविद्यालय का है जहां स्ट्रांग रूम में ईवीएम मशीनें रखी हुईं थी.

अमेठी: चुनावों के समय ईवीएम की सुरक्षा एक संगीन मामला होता है. ऐसे ईवीएम मशीनों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही तुरंत तूल पकड़ लेती है. हाल ही में अमेठी प्रशासन की तरफ से ईवीएम मामले में एक बड़ी गैर-जिम्मेदाराना बात सामने आई है.

ये पूरा मामला अमेठी के गौरीगंज स्थित मनीषी महिला महाविद्यालय का है जहां स्ट्रांग रूम में ईवीएम मशीनें रखी हुईं थी. इतना ही नहीं इस मौके पर कोई प्रसाशनिक अधिकारी उपस्थित नहीं था.

मिली जानकारी के मुताबिक अमेठी में ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम से बाहर निकाल कर ट्रक पर लादकर कहीं और ले जाया जा रहा था. इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा के हस्तछेप का बाद मशीनें ले जाने का काम रुका.

योगेंद्र मिश्रा के मुताबिक ईवीएम का मामला इतना संदिग्ध होता है कि इससे जुड़ी हर बात की जानकारी सभी सम्बंधित पार्टी के लोगों को दी जाती है. लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ. बिना जानकारी के ट्रक में ईवीएम मशीनों को किसी दूसरी जगह ले जाया जा रहा है.

मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने इस मामले को लेकर कहा, कि निकाली जा रही मशीनें मतदान में उपयोग नहीं हुई हैं. कहा गया है कि स्ट्रांग रूम के पास कुछ अतिरिक्त मशीनों को सुल्तानपुर भेजा जा रहा था.

बता दें कि लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में अमेठी में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इस सीट से 27 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई है. इस सीट से असली मुकाबले की बात करें तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बीजेपी की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आमना-सामना है.