कभी गाजियाबाद, कभी शाहजहांपुर…कहीं आपके आसपास तो नहीं कमलेश तिवारी के हत्यारे, ऐसे पहचानें

जब तक पुलिस शाहजहांपुर में आरोपियों को लोकेट कर पाती, उनकी लोकेशन फिर बदल गई. पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपी अपने फोन की बजाय राहगीरों से मोबाइल मांगकर इस्‍तेमाल कर रहे हैं.

नई दिल्ली: कमलेश तिवारी हत्‍याकांड के दो मुख्य आरोपी लगातार लोकेशन बदल रहे हैं. पुलिस की कई टीमें उनको पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है. रविवार को पुलिस को पता चला कि उनकी लोकेशन अम्‍बाला में है. बीती रात इनकी लोकेशन गाजियाबाद मिली. उसके बाद इनके शाहजहांपुर में होने की ख़बर मिली. शाहजहांपुर रेलवे स्‍टेशन के पास एक होटल के सीसीटीवी में आरोपियों को देखा गया.

जब तक पुलिस शाहजहांपुर में आरोपियों को लोकेट कर पाती, उनकी लोकेशन फिर बदल गई. पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपी अपने फोन की बजाय राहगीरों से मोबाइल मांगकर इस्‍तेमाल कर रहे हैं.

पुलिस की अलग-अलग टीमें दोनों आरोपियों की अलग-अलग शहरों में तलाश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक़ आरोपी नेपाल नहीं जाना चाहते बल्कि उनका मकसद कुछ और है. फिलहाल गुजरात से लखनऊ लाए गए तीन आरोपियों से पूछताछ कर बाकी दोनों आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश हो रही है.

इस हत्‍याकांड में शामिल बताए जा रहे फरीद उर्फ मोइन खान पठान और अशफाक खान पठान यूपी के शाहजहांपुर जिले में देखे गए हैं. बताया जा रहा है कि पुलिस को एक होटल के सीसीटीवी से दोनों आरोपियों का फुटेज मिला है. ये आरोपी शाहजहांपुर में रुके थे, लेकिन एसटीएफ के पहुंचने की भनक मिलते ही अंडरग्राउंड हो गए.

सूत्रों के मुताबिक, कमलेश तिवारी के दोनों हत्‍यारे गाड़ी किराए पर लेकर आए थे. इन लोगों ने शाहजहांपुर रोडवेज बस अड्डे पर गाड़ी को छोड़ा और वहां से पैदल टहलते हुए रेलवे स्टेशन की तरफ पहुंचे थे. एक होटल के सीसीटीवी कैमरे से इन हत्‍यारों का फुटेज मिला है. माना जा रहा है कि वे शाहजहांपुर में ही कहीं पर छिपे हुए हैं.

मोइन खान और अशफाक पर ढाई-ढाई लाख का इनाम
यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हत्‍या के आरोपी फरीद उर्फ मोइन खान पठान और अशफाक खान पठान पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित क‍िया है. ओपी सिंह ने कहा, ‘गुजरात में जो तीन आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें हम रिमांड पर यहां (लखनऊ) ला रहे हैं. बिजनौर में भी दो मौलाना को हमने पुलिस हिरासत में लिया है और उनसे हमारी टीम निरंतर पूछताछ कर रही है.

ओपी सिंह ने कहा कि छोटी-छोटी चीजों को हम जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि कोई भी पहलू अनछुआ ना रह जाए. कई प्रकार के मॉड्यूल्स होते हैं. एक सेल्फ मॉड्यूल होता है, एक स्लीपिंग मॉड्यूल होता है और एक आतंकी संगठन से जुड़े होने का भी मॉड्यूल होता है. हम इस केस को सभी ऐंगल से देख रहे हैं. जब हम उन्हें (प्रमुख आरोपी) गिरफ्तार करेंगे और फिर इसके बाद पूछताछ होगी तो घटना की सत्यता का पता चलेगा.’

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