कमलेश तिवारी हत्याकांड: डीजीपी ओपी सिंह ने इन 10 सवालों के नहीं दिए जवाब

डीजीपी ने ओपी सिंह ने कहा कि कमलेश तिवारी के परिजनों द्वारा कराई गई एफआईआर में नामजद मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम काजमी को शुक्रवार रात को ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया और इनसे पूछताछ की जा रही है.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड को 24 घंटे के अंदर सुलझा लेने का दावा किया है. रशीद पठान नाम के एक शख्स को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है. यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी.

डीजीपी ने कहा कि इस साज़िश में शामिल हत्या के आरोपियों की पहचान की हो गयी है. अब तक तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं. रशीद अहमद पठान, मौलाना मोहसिन शेख और फैजान. मोहसिन शेख की उम्र 24 साल है और ये शख्स साड़ी की दुकान में काम करता है. दूसरा शख़्स है फैजान जो जूते की दुकान में काम करता है और तीसरा आरोपी राशिद पठान दर्जी है.

हत्याकांड में दो और संदिग्ध है. राशिद पठान ने ही पूरा प्लान बताया था. पठान कम्प्यूटर का भी जानकार बताया जा रहा है. अनवारुल हक़ और नईम कासिम साजिशकर्ता हैं. हत्या के दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं.

डीजीपी ने ओपी सिंह ने कहा कि कमलेश तिवारी के परिजनों द्वारा कराई गई एफआईआर में नामजद मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम काजमी को शुक्रवार रात को ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया और इनसे पूछताछ की जा रही है.

2015 का भड़काऊ बयान हत्या की वजह बताई जा रही थी. दरअसल हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने दिसंबर, 2015 में पैगंबर मुहम्मद को लेकर एक विवादित बयान दिया था. जिसके बाद कमलेश तिवारी की गिरफ्तारी हुई थी.

इस मामले में वह फिलहाल जमानत पर रिहा चल रहे थे. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अभी हाल ही में कमलेश तिवारी पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटा दिया था.

हालांकि कुछ महत्वपूर्ण सवाल हैं जिसका जवाब डीजीपी ओपी सिंह नहीं दे रहे हैं.

1- हत्या की साज़िश करने वाले तो हिरासत में हैं , लेकिन हत्यारे कहां हैं और कौन है ?

2- अगर सूरत में साज़िश इन तीनो ने रची तो बिजनौर से दो लोगों को हिरासत में क्यों लिया गया.

3- CCTV में नज़र आने वाली महिला कौन थी और उसकी क्या भूमिका थी.

4- वारदात की जगह जो पिस्टल पायी गयी वो किसकी थी, अगर हत्यारों की थी तो वो छोड़ क्यों गए.

5- हत्यारों को कब तक गिरफ़्तार कर पाएगी पुलिस ?

6- कमलेश तिवारी के गनर के ख़िलाफ़ क्या कार्यवाही की गयी?

7- मुरादाबाद और रामपुर से जो पांच लोग हिरासत में लिए गए उनकी क्या भूमिका है, किस आधार पर हिरासत में लिए गए?

8- क्या हत्यारों ने इसके पहले कमलेश तिवारी के घर और दफ़्तर की रेकी की थी?

9- अगर इस मामले में टेरर लिंक नहीं है तो इसकी फ़ंडिंग किसने की , क्योंकि इतने बड़े हत्याकांड को अंजाम देना और फरारी काटने में पैसा लगना था?

10- अगर सूरत से साज़िश रची गयी और यूपी के लोग भी शामिल थे तो घटनाक्रम क्या था , कैसे आए और कैसे फ़रार हुए ?