कानपुर देहात इलाके में विकास दुबे की बोलती थी तूती, बिगड़ैल लड़कों का बन गया था रोल मॉडल

साल 2004 में केबल बिजनेसमैन दिनेश दुबे हत्या मामले में भी विकास दुबे (Vikas Dubey) पर आरोप था. वहीं 2018 में अपने ही चचेरे भाई अनुराग पर विकास दुबे ने जानलेवा हमला करवाया था.
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यूपी (UP) के कानपुर (Kanpur) में 2 जुलाई की रात 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) शुक्रवार को एक मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया गया. सड़क दुर्घटना के दौरान जब STF की गाड़ी पलट गई तो विकास ने भागने की कोशिश की, इसी दौरान वह मारा गया. दुबे को खून से लथपथ हालत में हैलट अस्पताल लाया गया, जहां डॉकटर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया.

विकास दुबे का अपराध जगत से गहरा नाता था. राजनीति संरक्षण के कारण उसका अपराध फलता-फूलता रहा. अपने संरक्षण के लिए राजनीति का भी उसने चोला ओढ़ रखा था. इसके खिलाफ 60 अपराधिक मुकदमें दर्ज थे.

राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी था. 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्घेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था.

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कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही साल 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप था.

2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दुबे हत्या मामले में भी विकास पर आरोप था. वहीं 2018 में अपने ही चचेरे भाई अनुराग पर विकास दुबे ने जानलेवा हमला करवाया था. इस दौरान भी विकास जेल में बंद था और वहीं से सारी साजिश रची थी. इस मामले में अनुराग की पत्नी ने विकास समेत चार लोगों को नामजद किया था.

विकास दुबे का जघन्य आपराधिक इतिहास

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है. बचपन से ही वह अपराध की दुनिया का बेताज बदशाह बनना चाहता था. इसीलिए उसने अपना एक गैंग बनाकर लूट, डकैती, हत्याएं करने लगा.

विकास दुबे ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. कई नव युवा साथियों को साथ लेकर चलने वाला विकास कानपुर नगर और देहात का वांछित अपराधी बन गया. चुनावों में अपने आतंक व दहशत के दाम हार जीत भी तय करता था.

’20 सालों से कोई कुछ कर नहीं सका’

वरिष्ठ पत्रकार प्रांशु मिश्रा बताते हैं कि “2001 में संतोष शुक्ला की थाने के अंदर हत्या करने के बाद विकास दुबे अपराध की दुनिया में उसकी तूती बोलती थी. इसे हर पार्टी का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था. इसी कारण इतने ज्यादा मुकदमें होंने के बावजूद 20 सालों से इसका कोई कुछ कर नहीं सका. यह अपने आपको डॉन मानता है. इसकी कानपुर देहात क्षेत्र में तूती बोलती थी. कुउ बिगड़ैल नौजवान इसे अपना रोल मॉडल भी मानते थे. इसकी सिस्टम अंदर घुसपैठ भी थी.”

विकास दुबे ने कानपुर के चौबेपुर स्थित बिकरू गांव स्थित घर के अलावा कई साल पहले लखनऊ के कृष्णानगर स्थित इंद्रलोक कलोनी में मकान बनवाया था. वह इसी मकान में परिवार के साथ रहता था.

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(IANS  इनपुट के साथ)

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