2 जुलाई रात 12 बजे से शुरू हुआ खूनी खेल, 8वें दिन एनकाउंटर में गैंगस्टर विकास दुबे ढेर

यूपी पुलिस और एसटीएफ ने विकास दुबे को पकड़ने के लिए नेपाल बॉर्डर तक हाई अलर्ट जारी कर दिया था. इस दौरान विकास दुबे के पांच साथियों का एनकाउंटर भी किया गया.
Kanpur shootout vikas dubey encounter, 2 जुलाई रात 12 बजे से शुरू हुआ खूनी खेल, 8वें दिन एनकाउंटर में गैंगस्टर विकास दुबे ढेर

कानपुर शूटआउट (Kanpur Shootout) का मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) आज यानी शुक्रवार को एनकाउंटर में मारा गया है. 2 जुलाई की रात से शुरू हुआ खून खेल औज 8वें दिन विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ खत्म हुआ. 2 जुलाई रात 12:00 बजे बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बिठूर, शिवराजपुर और चौबेपुर थाने की पुलिस थाना चौबेपुर के अंतर्गत बिकरू गांव में अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए निकली. करीब 20 मिनट बाद पुलिस बिकरू गांव के अंदर घुसी. सड़क पर तिरछी खड़ी हुई जेसीबी पर पुलिसवालों की नजर पड़ी. इसके कारण पुलिसकर्मियों को लगभग 200 मीटर की दूरी पर गाड़ियां छोड़कर विकास दुबे के घर की तरफ बढ़ना पड़ा.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

2 जुलाई का खून खेल

रात 12:40 बजे के करीब जैसे ही अपराधी विकास दुबे के मकान की ओर पुलिसवाले बढ़े तभी उनपर हर ओर से गोलीबारी होने लगी. इससे पहले कि पुलिस की टीम कुछ समझ पाती तब तक बिल्लौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के साथ अन्य पुलिसकर्मियों को गोली लग गई थी. इसके बाद अन्य पुलिसवाले अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर हो गए. पर अपराधी इतने शातिर थे कि उन्होंने पुलिसवालों को ढूंढकर मारना शुरू कर दिया.

इस बीच वायरलेस पर घटना की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई. रात के करीब 1:00 बजे पुलिस की दूसरी टीम अन्य पुलिसकर्मियों की तलाश करने गांव पहुंची. खून से लथपथ पड़े सीओ देवेंद्र मिश्रा के साथ अन्य पुलिसकर्मियों को पुलिस टीम अस्पताल लेकर गई. अस्पताल में पहुंचने के बाद डॉक्टर सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिसकर्मियों को मृत घोषित कर दिया गया. अन्य सभी छह घायलों को इलाज के लिए कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में शुरू हुआ.

विकास दुबे को पकड़ने में लगी थीं 100 टीम

इस घटना के बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने विकास दुबे को पकड़ने के लिए नेपाल बॉर्डर तक हाई अलर्ट जारी कर दिया था. विकास दुबे को पकड़ने के लिए 100 टीम लगाई गई थीं. करीब 500 फोन सर्विलांस पर डाले गए थे. इस दौरान विकास दुबे के पांच साथियों का एनकाउंटर भी किया गया. मुखबिरी के आरोप में चौबेपुर के एसओ विनय तिवारी को सस्पेंड किया गया. विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस और एसटीएफ चप्पे पर निगरानी रखे हुए थी. नोएडा, दिल्ली और हरियाणा तक विकास दुबे की तलाश जारी रही.

महाकाल मंदिर से हुई गिरफ्तारी

इस बीच गुरुवार को विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार हुई. सबसे पहले मंदिर के बाहर एक फूल वाले को इस पर शक हुआ था, जिसके बाद उसने सबसे पहले मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड को फोन किया और बताया कि ये शख्स विकास दुबे जैसे लग रहा है. इसके बाद प्राइवेट सिक्योरिटी वालों ने महाकाल चौकी में तैनात पुलिस को सूचना दी, जैसे ही वो निर्गम द्वार पर आया, तो उससे उसका नाम पूछा गया. पहले उसने अपना नाम छिपाया, लेकिन जब सख्ती से पूछा गया तब उसने बताया, “मैं विकास दुबे हूं.”

इसके बाद महाकाल मंदिर के सिक्योरिटी ने विकास दुबे को उज्जैन पुलिस को सौंप दिया. यहां विकास दुबे से घंटों पूछताछ हुई, जिसमें उसने कानपुर एनकाउंटर से जुड़े कई मामलों का खुलासा किया. उसने बताया कि चौबेपुर थाने और आसपास के थानों के पुलिसकर्मियों के साथ उसकी सांठ-गांठ थी. 2 जुलाई को पुलिस उसे गिरफ्तार करने आ रही है इसकी सूचना उसे पहले ही फोन के जरिए पता चल गई थी. इसके बाद उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे को गुरुवार शाम एसटीएप के हवाले कर दिया और आज यानी शुक्रवार को एनकाउंटर में वह मारा गया.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts