जब कुलदीप सेंगर के भाई ने UP पुलिस के DSP को मार दी थी गोली, मचा था हड़कंप

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ आरोपों की एक पृष्ठभूमि है, जो अज्ञात बनी हुई है.

नई दिल्ली: नाबालिग से रेप के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव की सियासत के बादशाह कहे जाते हैं. उन्नाव ब्राह्मण बहुल जिला है. सेंगर यहां सबसे कद्दावर राजपूत चेहरा हैं. सेंगर की गिनती बाहुबली नेताओं में होती है. मूल रूप से यूपी के फतेहपुर जिले के रहने वाले विधायक सेंगर की माखी गांव में तूती बोलती है. साथ ही सेंगर के बारे में कहा जाता है कि वो प्रदेश की सियासत की हवा का रुख भांप लेते हैं.

कांग्रेस से की राजनीतिक करियर की शुरुआत
कुलदीप सेंगर ने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत नब्बे के दशक के अंत में की था. 2002 में वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गए और उन्नाव सदर सीट से अपना पहला चुनाव जीता. यह पहला मौका था जब बसपा ने यह सीट जीती.

इसके बाद सेंगर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हुए और 2007 में बांगरमऊ सीट जीती. इसके बाद 2012 में उनसे उन्नाव की भागवत नगर सीट से चुनाव लड़ने को कहा गया, जिस पर उन्होंने जीत दर्ज की.

सेंगर की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने लगातार तीन बार चुनाव जिले की तीन अलग-अलग सीटों से जीता. समाजवादी पार्टी के नेतृत्व से मुलायम सिंह के बाहर जाने के बाद सेंगर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया और बांगरमऊ सीट से 2017 का विधानसभा चुनाव जीता.

पीड़िता के पिता सेंगर के थे सहयोगी
सेंगर के खिलाफ आरोपों की एक पृष्ठभूमि है, जो अज्ञात बनी हुई है. दुष्कर्म पीड़िता के पिता कुलदीप सेंगर के करीबी सहयोगी थे और दोनों के ही परिवार समान रूप से करीब थे. कुलदीप सेंगर ने जब अपनी पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतारा. तभी से दोनों के बीच मतभेद पैदा हो गए.

दुष्कर्म पीड़िता का परिवार लड़की की मां को चुनाव में उतारना चाहता था लेकिन संगीता ने सहजता से चुनाव जीत लिया. इसके बाद दोनों परिवारों के बीच दरार पैदा हो गई, जो और गहरी तब हुई जब 2017 में सेंगर अपना चौथा चुनाव जीतने में कामयाब रहे. क्षेत्र में आम लोगों से किसका संपर्क कितना ज्यादा है इस बात को लेकर भी दोनों के बीच मतभेद रहे.

कुलदीप सेंगर पर अवैध खनन और अवैध तरीके से टोल लगाकर वसूली करने के भी आरोप हैं. उन्नाव में एक बार किसी चैनल के रिपोर्टर ने आरोपी विधायक के खिलाफ अवैध खनन की खबर दिखा दी थी. इस पर रिपोर्टर के खिलाफ 2 मुकदमे दर्ज कराए थे. साथ ही रिपोर्टर को कई तरीके से परेशान किया गया था.

Kuldeep Sengar, जब कुलदीप सेंगर के भाई ने UP पुलिस के DSP को मार दी थी गोली, मचा था हड़कंप
कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर के नाम से कई ठेके चलते हैं.

DSP को मार दी गोली
इसके अलावा 14 साल पहले उन्नाव में किसी बात को लेकर विधायक पक्ष से एक पत्रकार की कहा-सुनी हो गई थी. मामला बढ़ता ही जा रहा था. इसे संभालने के लिए पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची. विधायक के भाई अतुल सेंगर ने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी थी. इसमें डिप्टी एसपी (डीएसपी) को पेट में गोली लगी थी.

कहते हैं कि उन्नाव का कोई भी ठेका बिना सेंगर की मर्जी के किसी को नहीं मिल सकता. ठेकों से लेकर अवैध होटल चलाने और ऑटो स्टैंड से लेकर गाड़ियों से अवैध वसूली तक के कारोबार में विधायक के परिवार के लोग शामिल हैं. ठेकों का काम कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर उर्फ जगदीप देखते हैं. जबकि उनके भाई मनोज सेंगर के पास होटल का कारोबार है.

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