VIDEO: सामने आई पीली साड़ी वाली पोलिंग अफसर की सच्चाई, झूठे दावों को किया खारिज

एक तरफ जहां लोकसभा चुनाव अपने चरम पर है, हर तरफ लोग चुनावों की चर्चा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीली साड़ी वाली महिला के ग्लैमर को लेकर खूब चर्चा हो रही है.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में बहुत सी चीजें वायरल हुईं. नेताओं के बयान, प्रचार के तरीके, गालियां, मार पीट, और भी बहुत कुछ. इन सबके बीच पीली साड़ी वाली एक पोलिंग अफसर की फोटो भी वायरल हुई. जिसके नाम और पहचान के बारे में सोशल मीडिया पर अलग अलग दावे किए गए.

कहीं कहा गया कि इनका नाम नलिनी सिंह है तो कहीं बोला गया कि ये जयपुर की हैं और समाज कल्याण विभाग में हैं. किसी ने दावा किया कि इनकी ड्यूटी ईएसआई के नजदीक कुमावत स्कूल में थी, तो किसी ने कहा इनके बूथ पर 100% मतदान हुआ है.

Yellow saree Rina Dwivedi Loksabha Election 2019, VIDEO: सामने आई पीली साड़ी वाली पोलिंग अफसर की सच्चाई, झूठे दावों को किया खारिज

असल में इनमें से कोई भी दावा सही नहीं है. न ये तस्वीर जयपुर की है और न ही इस अफसर का नाम नलिनी सिंह है.

बता दें कि ये फोटो लखनऊ की है जिसे पत्रकार तुषार रॉय ने खींचा. लखनऊ के पीडब्लूडी विभाग में कार्यरत इस अफसर का नाम है रीना द्विवेदी. सोशल मीडिया में हर जगह रीना द्विवेदी नाम की इस महिला का नाम छाया हुआ है. लखनऊ में 6 मई को मतदान था. उसके एक दिन पहले रीना द्विवेदी लखनऊ के नगराम में बूथ नंबर 173 पर थीं. तभी पत्रकार ने ये तस्वीरें खींचीं जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुईं.

TV9 भारतवर्ष से हुई हालिया बातचीत में रीना ने कहा, ‘ये तस्वीरें 5 मई की हैं, जब हम चुनावी ड्यूटी पर थे. हम तो नॉर्मली अपनी ड्यूटी कर रहे थे, इलेक्शन के लिए निकल रहे थे. इलेक्शन में जाते वक्त किसी पत्रकार भाई ने हमारी फोटो निकाल लीं और 6 मई को हमारी फोटो वायरल हो गई’.

रीना ने सोशल मीडिया में वायरल हो रहे दावों को झुठलाते हुए बोला, ‘मैं कभी कोई मिस जयपुर नहीं रही हूं, न ही ऐसे किसी कांटेस्ट में मैंने भाग लिया है. तस्वीर के साथ कुछ पॉजिटिव और कुछ निगेटिव बातें फैलाई जा रही हैं. 100 प्रतिशत मतदान का दावा गलत है. मेरे मतदान केंद्र पर 70 प्रतिशत मतदान हुआ था’.

लोगों के बीच तेजी से चर्चा में आने पर रीना ने कहा, ‘चारों तरफ से लोग आ रहे हैं, रास्ते में भी सेल्फी ले रहे हैं, ट्रेन में कुछ लोगों ने वीडियो और फोटो लिए, कहा ये तो पीली साड़ी वाली मैम हैं, इलेक्शन वाली मैम हैं, लोगों ने तो हमें हमारे नाम से जानना ही बंद कर दिया है’.