‘हम मोदी-शाह की जोड़ी से देश को बचाने में लगे, कांग्रेस सीटों की आंकड़ेबाजी में फंसी’

शनिवार को आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस से गठबंधन न होने की वजह बताई.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों में गठबंधन को लेकर दिल्ली में आप नेता मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने गठबंधन न होने की वजह कांग्रेस को बताया. आम आदमी पार्टी ने पंजाब के बाद हरियाणा में भी गठबंधन के लिए कांग्रेस की ना के बाद सिर्फ़ दिल्ली में गठबंधन की संभावना से इंकार कर दिया है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा, “कांग्रेस ने कल रात हरियाणा में भी आप के साथ गठबंधन से इंकार कर दिया है, ऐसे में सिर्फ़ दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन के लिए आप तैयार नहीं है.”

उन्होंने कहा कि ”अगर दिल्ली और हरियाणा में आप-जेजेपी-कांग्रेस गठबंधन करते हैं तो भाजपा सभी सीटों पर हार जाएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस का एक विधायक नहीं है और कांग्रेस दिल्ली में 3 सीट मांग रही है.” सिसोदिया ने कहा कि आप ने गठबंधन की पहल सिर्फ़ देश को ‘मोदी-शाह’ की जोड़ी को फिर से सत्ता में आने से रोकने के लिये की थी, लेकिन कांग्रेस सीटों के गणित में लगी है.

मनीष सिसोदिया ने कहा कि ”आम आदमी पार्टी का जन्म कांग्रेस के भ्रष्टाचार से लड़ते हुआ था. भाजपा भी बहुत अच्छी तरह से यह बात जानती है कि अगर कांग्रेस, आप और जजपा का गठबंधन हुआ, तो भाजपा के प्रत्याशी हार जाएंगे, और यही कारण है कि चुनाव के अंतिम दिन शुरू हो चुके हैं, परंतु अभी तक भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की. केवल मोदी और शाह की तानाशाही से देश को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी ने इस गठबंधन का प्रस्ताव रखा था.”

संजय सिंह ने कहा कि ”कल जिस प्रकार से कांग्रेस की तरफ से हरियाणा और पंजाब को लेकर किसी भी प्रकार की बातचीत न करने का बयान आया है, उसके बाद अगर देश की सत्ता में देश की रक्षा करते हुए, शहीद हुए  स्वर्गीय हेमंत करकरे का अपमान करने वाली, हेमंत करकरे को देशद्रोही कहने वाली भाजपा की दोबारा से सरकार बनती है, तो इसके लिए केवल और केवल कांग्रेस जिम्मेदार होगी.”

संजय सिंह ने कहा कि अगर आप, कांग्रेस और जजपा का यह गठबंधन होता, तो पूरे देश में सबसे पहला संदेश यह जाता कि भाजपा की सरकार दोबारा से सत्ता में नहीं आ रही है. परंतु मैं हैरान हूं कि कांग्रेस इस तरह के रवैया से एक बार फिर मोदी की सत्ता को जीवित करने की कोशिश में क्यों लगी हुई है? क्यों इस संभावना पर पूर्ण विराम नहीं लगाना चाहती?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि भाजपा की सत्ता में वापसी, देश के लिये बहुत बड़ा खतरा साबित होगी इसलिए देशहित में उनकी पार्टी कुछ भी करने को तैयार है. राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके आम आदमी पार्टी की गठबंधन की कोशिशों को गलत बताया था. बता दें कि दिल्ली की सात सीटों पर 12 मई को मतदान होगा.