Kanpur Encounter: शहीद DSP की बेटी ने कहा- बनूंगी पुलिस ऑफिसर, गैंगस्टर्स को लगाऊंगी ठिकाने

B.Sc फाइनल-ईयर की छात्रा वैष्णवी (Vaishnavi) कहती हैं कि रविवार को गंगा में जब मैंने अपने पापा की अस्थियों को देखा तो अपना फैसला बदल दिया. गुस्से भरी लाल आंखों के साथ उन्होंने कहा, "मैं विकास दुबे जैसे अपराधियों को वहां भेजूंगी, जहां के वो हकदार हैं."
martyred DSP Devendra Kumar Mishra, Kanpur Encounter: शहीद DSP की बेटी ने कहा- बनूंगी पुलिस ऑफिसर, गैंगस्टर्स को लगाऊंगी ठिकाने

कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) में शहीद हुए DSP देवेंद्र कुमार मिश्रा (Devendra Kumar Mishra) की 21 वर्षीय बेटी वैष्णवी (Vaishnavi) ने पुलिस ऑफिसर बनने का फैसला किया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वैष्णवी ने कहा कि ‘मैंने डॉक्टर बनने का अपना ‘जीवनभर का सपना’ छोड़ दिया है. मैं अपने पापा की तरह ही पुलिस ऑफिसर बनूंगी.’

‘विकास दुबे जैसे अपराधियों को वहां भेजूंगी जहां…’

B.Sc फाइनल-ईयर की छात्रा वैष्णवी कहती हैं कि रविवार को गंगा में जब मैंने अपने पापा की अस्थियों को देखा तो मैंने अपना फैसला बदल दिया. गुस्से भरी लाल आंखों के साथ उन्होंने कहा, “मैं विकास दुबे जैसे अपराधियों को वहां भेजूंगी, जहां के वो हकदार हैं.”

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वैष्णवी की 18 वर्षीय छोटी बहन वैशार्दी 12वीं क्लास की छात्रा हैं. वो सिविल सर्विसेज ज्वाइन करना चाहती हैं. उन्होंने कहा, ‘हम दोनों मिलकर अपने पापा का सपना पूरा करेंगे जो उन्होंने हमारे लिए देखा था.’

‘पूरा विभाग जानता है पापा की बहादुरी’

वैष्णवी ने कहा, “पूरा विभाग मेरे पापा की बहादुरी के बारे में जानता था. कलुआ गैंग को नष्ट करने भी वो शामिल थे. उन्होंने 1980 के दशक में कांस्टेबल के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा पास करने के बाद वो डिप्टी DP बने थे और उनके आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रहा.”

बता दें कि 59 वर्षीय देवेंद्र मिश्रा शुक्रवार को कानपुर के बिकरु गांव में हुए एनकाउंटर में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मियों में से एक हैं. पुलिसबल यहां पर गैंगस्टर विकास दुबे और उसकी साथियों को पकड़ने के लिए गया था.

‘विकास दुबे का अबतक नहीं मिला सुराग’

कानपुर में घात लगाकर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद गैंगस्टर विकास दुबे को लापता हुए काफी समय हो गया है, लेकिन राज्य पुलिस के पास अभी भी उसके ठिकाने को लेकर कोई अहम सुराग नहीं है.

विकास, उसके साथियों और रिश्तेदारों के सभी फोन सर्विलांस पर लगाए गए हैं लेकिन गैंगस्टर ने अब तक किसी भी संचार उपकरण का इस्तेमाल नहीं किया है.

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शनिवार रात को विकास पर इनाम को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया और उसके 18 साथियों के लिए 25,000 रुपये के इनाम घोषित किए गए हैं.

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