राज बब्बर को जूते मारने की धमकी देने वाला गुड्डू पंडित कभी टैक्सी स्टैंड पर ठेका वसूलता था

मजबूत कद काठी के मालिक गुड्डू पंडित को अमरमणि त्रिपाठी कभी ड्राईवर तो कभी बाडीगार्ड के तौर पर भी इस्तेमाल करते थे, इस दौरान अमरमणि जिस भी नेता के घर जाते गुड्डू भी उनके साथ जाता.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से बसपा के बाहुबली प्रत्याशी गुड्डू पंडित ने एक बार फिर से विवादित बोल बोले हैं. गुड्डू पंडित ने कांग्रेस प्रत्याशी व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और उनके समर्थकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है. बसपा नेता ने अपने बयान में कांग्रेस नेताओं को जूतों से मारने की धमकी दी है. गुड्डू पंडित ने कहा है, “सुन लो राज बब्बर के ….(गाली), तुमको और तुम्हारे नेता-नचनिया को दौड़ा-दौड़ाकर जूतों से मारूंगा, जो झूठ फैलाया समाज में. जहां मिलेगा गंगा मां की सौगंध तुझे जूतों से मारूंगा, तुझे और तेरे दलालों को.”

राज बब्बर और उनके समर्थकों का गाली देने वाला वीडियो देखें-

कुछ समय पहले गुड्डू पंडित का नशे में वोट मांगते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था.  वो भी देखिए-

बता दें कि गुड्डू पंडित एक विवादित छवि वाले नेता हैं. वो दल-बदल करते हुए दो बार चुनके विधानसभा भी पहुंच चुके हैं. 2007 में गुड्डू ने बसपा के टिकट से विधानसभा में कदम रखा. वहीं 2012 में उसने सपा के टिकट से जीत दर्ज की. अब एक बार फिर बसपा में वापसी करकर वह लोकसभा चुनाव लड़ रहा है. गुड्डू का राजनैतिक सफ़र विवादों से भरा रहा है. उसने टैक्सी स्टैंड का ठेका वसूली से लेकर विधानसभा सदस्य तक का सफ़र तय किया है और अपनी छवि एक बाहुबली के रूप में स्थापित की है. आइए गुड्डू के विवादित सफ़र पर एक नजर डालते हैं-

कभी टैक्सी स्टैंड का ठेका वसूलता था गुड्डू पंडित

किसी जमाने में गुड्डू पंडित पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाहुबली और मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी के टैक्सी स्टैंड का ठेका वसूलते थे. मजबूत कद काठी के मालिक गुड्डू को अमरमणि कभी ड्राइवर तो कभी बॉडीगार्ड के तौर पर भी इस्तेमाल करते, इस दौरान अमरमणि जिस भी नेता के घर जाते वो भी उनके साथ जाता. अमरमणि जब नेताओं के बंगले के अंदर होते तो बेहद तेज-तर्रार गुड्डू सभी नेताओं के आस-पास रहने वाले लोगो से संपर्क बनाता. अमरमणि के रहन सहन रुतबे से बेहद प्रभावित गुड्डू पंडित हमेशा उनके जैसा बनने की कोशिश करता लेकिन उसने भी कभी नहीं सोचा था कि उसकी किस्मत भी कभी पल्टा मारेगी और वो एक दिन विधायक बन जाएगा. अमरमणि के करीबियों का ये दावा है कि मंत्री रहने के दौरान अमरमणि ने बेहद अकूत दौलत कमाई और उससे कई बेनामी संपत्ति भी खरीदी, गुड्डू पंडित की सेवाभाव से अमरमणि प्रभावित थे लिहाजा उन्होने उसके नाम भी कई संपत्ति खरीद रखी थी. लेकिन, इसी दौरान मधुमिता हत्याकांड में नाम आने के बाद अमरमणि को मंत्री पद से बर्खास्त होना पड़ा और वो जेल भी गए. इस बीच गुड्डू पंडित की राजनैतिक महत्वकांक्षा ने गोता लगाना शुरु किय़ा और वह अमरमणि के लाखो रुपये और संपत्ति को हथिया बुंलदशहर आ गया.

2007 में पहली बार बना विधायक 

2007 के चुनाव में गुड्डू पंडित मायावती के संपर्क में आया. जहां से उसे बसपा से टिकट मिला और पहली बार में ही वो विधायक भी बन गया. बसपा से विधायक बनने के बाद गुड्डू पंडित राजनीति की सीढ़ी और भी तेजी से चढ़ने की कोशिश करने लगा, लेकिन बसपा की राजनीति में ये तेजी गुस्ताखी मानी जाती है लिहाजा मायावती ने गुड्डू पंडित पर लगाम लगाना शुरु किया , जिससे परेशान होकर एक वक्त ऐसा भी आया जब अपनी ही सरकार के खिलाफ गुड्डू पंडित विधान सभा में फूट फूट कर रोया, मायावती से बगावत कर गुड्डू पंडित ने अपनी जगह सपा में बना ली और 2012 के चुनाव में सपा के टिकट पर दोबारा से विधायक बना साथ सही अपने भाई मुकेश पंडित को भी टिकट दिलवाने में न सिर्फ कामयाब रहा बल्कि उसे भी जीत दिलानें में अहम भूमिका निभाई.

सपा से बागी होकर राज्यसभा चुनाव में भाजपा को दिया वोट 

सपा में रहते हुए गुड्डू पंडित अपनी पत्नी के लिए अलीगढ से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहता था लेकिन इसके लिए न तो मुलायम ने हामी भरी न ही अखिलेश ने. लिहाजा एक बार फिर गुड्डू ने पल्टी मारी और भाजपा में खुद के लिए अपनी राह तलाशनी शुरु दी. 2016 में वो बीजेपी नेताओं के संपर्क में आया. 2016 के राज्यसभा चुनावों में सपा विधायक रहते हुए बीजेपी के उम्मीदवार को खुलेआम वोट दिया. लेकिन इस बार गुड्डू पंडित के साथ धोखा हो गया. 2017 में बीजेपी ने गुड्डू पंडित को टिकट देने से भी मना कर दिया लिहाजा लोकदल के टिकट पर वो चुनाव लड़ा लेकिन इस बार उसे जनता ने भी नकार दिया.