यूपी में दबंगों ने युवक को दिनदहाड़े जिंदा जलाया, भीड़ देखती रही तमाशा

पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में पत्रकारों से मुलाकात कर सभी तरह के अपराधों पर रोक लगाने की बात कही थी, वहीं अपराधियों ने पुलिस मुखबिर को खुलेआम मारकर और जिंदा जला कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली.

उत्तर प्रदेश के बांदा से एक बड़ा मामला सामने आया है जहां दबंगों ने एक युवक को दिनदहाड़े जिंदा जला कर पुलिस को खुला  चैलेंज किया है. अपराधियों ने पहले युवक को भरे गांव के सामने पुलिस की मुखबरी के शक में खुलेआम लाठी डंडों से मारकर अधमरा कर दिया, फिर तेल डाल कर आग लगा दी.

परिजनों ने किसी तरह युवक की आग बुझाई और एम्बुलेंस से जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में लेकर आए जहां युवक की कुछ ही देर में इलाज के दौरान मौत हो गई.

मामला बांदा जनपद के बदौसा थाना क्षेत्र अंतर्गत पौहार गांव के जमुनिया पुरवा का है, जहां मृतक उमादत्त यादव पुत्र चुनूबाद उम्र 45 वर्ष ने 6 महीने पहले गांव के ही गांजा तस्करों के बारे में पुलिस को सूचना दी थी. जिस पर तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर आलोक सिंह ने आनंद उर्फ खुशी लाल पुत्र छेदीलाल, जयनारायण पुत्र गेंदालाल को गांजा तस्करी में जेल भेजा था. इसके बाद से उक्त आरोपी और उसके परिजन उमादत्त को जान से मारने की धमकी दे रहे थे. मौका पाते ही दबंगों ने युवक को घेर कर पहले लाठी डंडों से मारमार कर अधमरा कर दिया और फिर तेल डाल कर आग लगा दी.

बता दें कि आरोपी युवक आनंद उर्फ खुशी लाल पुत्र छेदीलाल, जयनारायण पुत्र गेंदालाल और छेदीलाल यादव पुत्र जगन्नाथ यादव पर गुंडा एक्ट सहित मारपीट, लूट, और तस्करी के लगभग 18 मामले पहले से दर्ज हैं. पुलिस द्वारा गांजा तस्करी में पकड़े जाने के बाद आरोपियों को शक था कि उमादत्त ने ही पुलिस को गांजा तस्करी की सटीक जानकारी दी. इसी खुंदस में उक्त आरोपी उमादत्त को जान से मारने की धमकी दे रहे थे और युवक की हत्या को अंजाम दिया.

पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन सभागार में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से मुलाकात कर सभी तरह के अपराधों पर रोक लगाने की बात कही थी, वहीं अपराधियों ने पुलिस मुखबिर को खुलेआम मारकर और जिंदा जला कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली.