कौन हैं हीरालाल यादव, जिनके निधन पर पीएम मोदी ने जताया दु:ख

हीरालाल यादव जैसे कलाकार का दुनिया से रुख्सत होना वाकई इस क्षेत्र की एक बड़ी हानि है.

वाराणसी: मशहूर लोक बिरहा गायक हीरालाल यादव का आज सुबह पंचतत्व में विलीन हो गए. वह करीब 93 वर्ष के थे. कई दिनों से वह अस्वस्थ चल रहे थे और भोजूबीर में इलाज चल रहा था. अस्‍पताल से चौकाघाट स्थित आवास पर उन्हें लाया गया और यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर गहरा शोक व्यक्त किया.

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वाराणसी के बिरहा गायक श्री हीरालाल यादव जी के निधन की खबर से अत्यंत दुख हुआ. दो दिन पहले ही बातचीत कर उनका हालचाल जाना था. उनका निधन लोकगायकी के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके प्रशंसकों और परिवार के साथ हैं.’

हीरालाल यादव का जन्म मूलरूप से वाराणसी में हरहुआ ब्लॉक के बेलवरिया 1936 में चेतगंज स्थित सरायगोवर्धन में हुआ. उनका बचपन काफी गरीबी में गुजरा. भैंस चराने के दौरान शौकिया गाते-गाते अपनी सशक्त गायकी से बिरहा को आज राष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाई और बिरहा सम्राट के रूप में विख्यात हुए.

हीरालाल यादव ने बिरहा गायकी पर महारत हासिल कर ली. उनको गुरु रम्मन दास, होरी व गाटर खलीफा जैसे गुरुओं का आशीर्वाद भी मिला. उनकी गायकी का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलने लगा था. आस-पास के इलाकों में हीरालाल के लोकगीतों के लोग दीवाने होने लगे.

साल 1962 से आकाशवाणी व दूरदर्शन पर बिरहा के शौकीनों को अपना दीवाना बनाया. भक्ति रस में पगे लोकगीत और कजरी पर भी श्रोताओं को खूब झुमाया, वहीं गायकी में शास्‍त्रीय पुट ने बिरहा गायन को विशेष विधा के तौर पर पहचान दिलाई है. जो आज उनको पद्मश्री सम्मान तक लेकर आयी है.

आज के वर्तमान युग में जब गायकी का स्तर काफी बदल चुका है. फिर भी ग्रामीण इलाकों में अक्सर उनके गीत बजते सुनाई देते हैं. न केवल बुजुर्ग लोग बल्कि युवा पीढ़ी भी उनके बिरहा की दीवानी है. सोशल मीडिया में आज भी लोग उनके गीतों को सुनते हैं.

हीरालाल यादव कुछ मशहूर लोकगीत राजकुमारी बनी बंदरिया, शंकर जी की लीला, आजमगढ़ कांड, सुई के छेदा में हाथी (जनकपुर कांड) जैसे तमाम लोकप्रिय बिरहा गीत हैं. जिनको आज भी खूब सुना जाता है. हीरालाल यादव जैसे कलाकार का दुनिया से रुख्सत होना वाकई इस क्षेत्र की एक बड़ी हानि है.