तो क्या संप्रदाय विशेष के डर से मेरठ छोड़ भाग रहे हैं हिंदू समुदाय के लोग?

रिपोर्ट 13 जून को एसएसपी द्वारा सीओ कोतवाली और लिसाड़ी गेट थानाध्यक्ष को सौंपी गई है.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कथित तौर पर संप्रदाय विशेष की बढ़ती गुंडागर्दी ने प्रह्लाद नगर में रह रही बहुसंख्यक आबादी का जीना मुहाल कर दिया है.

कई हिंदू परिवार वहां से पलायन कर चुके हैं तो कईयों ने ‘प्लॉट फॉर सेल’ लिखकर आस-पास के इलाक़ों में शरण ले लिया है. हालांकि पुलिस पलायन करने की वजह दहशत नहीं कुछ और ही बता रही है.

मेरठ ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) प्रशांत कुमार का कहना है कि ‘जिला अधिकारियों ने इलाके में एक निरीक्षण किया है. प्रह्लाद नगर से लोगों का पलायन भय के कारण नहीं हुआ. क्षेत्र में ट्रैफिक, प्रदूषण और छेड़-छाड़ समस्याएं हैं. क्षेत्र में पुलिस-पिकेट स्थापित किया गया है और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले की जांच कराई जा रही है.’

वहीं बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी बताते हैं कि सिर्फ प्रह्लाद नगर ही क्यों, मेरठ के 4 थाना क्षेत्रों के करीब 30 मोहल्‍लों से भी हिंदु समुदाय के लोग एक संप्रदाय विशेष से डरकर अपना मकान बेचकर पलायन कर रहे हैं.’

बता दें कि कुछ समय पहले कैराना में भी हिंदू समुदाय के लोगों के पलायन का मुद्दा मीडिया गलियारों में ज़ोर-शोर से उठाया गया था. मेरठ के प्रह्लाद नगर की यह ताज़ा घटना ने एक बार फिर से पुरानी याद ताज़ा कर दी है. बताया जा रहा है कि लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्लिम बहुल प्रह्लादनगर में बहुसंख्यक वर्ग के 425 परिवारों में से 125 परिवार अपना मकान बेचकर जा चुके हैं.

आप जानना चाहेंगे कि यह ख़बर अचानक क्यों? दरअसल स्थानीय बीजेपी नेता व बूथ अध्यक्ष भवेश मेहता ने 11 जून को नमो एप पर घटना की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई थी. जिसके बाद पीएमओ ने 11 जून को ही मुख्यमंत्री कार्यालय को इस बारे में उचित कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने आनन फानन में मेरठ के ज़िलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी करते हुए मामले की जांच रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया. रिपोर्ट 13 जून को एसएसपी द्वारा सीओ कोतवाली और लिसाड़ी गेट थानाध्यक्ष को सौंपी गई है.

हालांकि कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रह्लादनगर में बहुसंख्यक समाज की महिलाओं से छेड़छाड़, लूटपाट, पिटाई और अन्य कई आपत्तिजनक हरकतों की वजह से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है.