Kanpur Encounter में बड़ा खुलासा- विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबर, ढहाया गया घर

पुलिस (Police) ने इस मामले में 30 और लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है. पुलिस ने इन लोगों को मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है.
Kanpur Encounter Updates, Kanpur Encounter में बड़ा खुलासा- विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिसवालों के नंबर, ढहाया गया घर

पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का मोस्ट वांटेड चेहरा बने विकास दुबे (Vikas Dubey) की तलाश में यूपी पुलिस (UP Police) पूरी रात छापेमारी करती रही. 8 पुलिसकर्मियों पर फायरिंग का आरोपी विकास दुबे घटना के बाद छिपा बैठा है. इधर सूत्रों से जानकारी मिली है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने ही विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना पहले ही दे दी थी.

12 लोग हिरासत में

शुक्रवार रात पुलिस की करीब बीस टीमें अलग-अलग जिलों में विकास दुबे की तलाश में दबिश देता रहीं. ये वो जगहें थी, जहां पर विकास दुबे के रिश्तेदार और परिचित रहते हैं. पुलिस ने इस मामले में 30 और लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है. पुलिस ने इन लोगों को मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है.

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विकास दुबे का घर गिराया गया

इस बीच गैंगगेस्टर विकास दुबे की तलाशी अभियान काफी जोरशोर से चल रहा है. इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे के बिठुर स्थित घर को गिरा दिया है. घर को गिराने के लिए JCB मशीनों को लगाया गया.

विकास के कॉल डिटेल में पुलिसकर्मियों के नंबर

सूत्रों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की बातचीत हुई थी. हैरानी की बात है कि विकास दुबे के फोन की कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी सामने आए हैं. ये बेहद हैरान करने वाला तथ्य है.

दारोगा ने दी विकास दुबे को रेड की सूचना

जानकारी के मुताबिक, पुलिस की जांच में सामने आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने विकास दुबे को पुलिस के आने की जानकारी पहले ही दे दी थी. इस वक्त पुलिस के शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है. तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध

कानपुर के चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध है. STF ने थाना प्रभारी को ग्रिल करना शुरू कर दिया है. हिस्ट्रीशीटर विकाश दुबे पर FIR दर्ज करने को लेकर भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.

SO विनय तिवारी 307 की FIR लिखने में आनाकानी कर रहे थे. विनय तिवारी पर मुखबिरी का शक है. दबिश के दौरान सबसे पीछे SO चल रहा था.

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