केजरीवाल और कुमार विश्वास की संपत्ति हो सकती है कुर्क, कोर्ट ने लगाई फटकार

प्रयागराज की कोर्ट ने अरविन्द केजरीवाल और कुमार विश्वास के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और संपत्ति कुर्क किये जाने की चेतावनी दी है.

प्रयागराज: साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में भड़काऊ भाषण देने के मामले में प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल और कवि व आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास को कड़ी फटकार लगाई है. इतना ही नहीं अदालत ने अगली सुनवाई पर कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर पेश न होने पर दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और संपत्ति कुर्क किये जाने की चेतावनी भी दी है.

अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि अगर केजरीवाल और कुमार विश्वास पचीस मई को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ न सिर्फ गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा, बल्कि संपत्ति कुर्क करने के लिए धारा 82 की कार्रवाई भी शुरू करा दी जाएगी.

अदालत ने तल्ख़ टिप्पणी करते हुए कहा है कि केजरीवाल जैसे नेताओं के पास देश भर में चुनाव प्रचार करने का तो वक्त है, लेकिन अदालत में पेश होकर कानूनी कार्यवाही को आगे बढाए जाने का नहीं. स्पेशल कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी. हालांकि केजरीवाल के वकील ने कोर्ट को यह यकीन दिलाया कि वह अगली सुनवाई पर उन्हें खुद साथ लेकर आएंगे.

चुनाव की वजह से अदालत ने मतगणना के बाद की तारीख तय की है. यह मामला साल 2014 में अमेठी जिले का है. उस वक्त केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी से अमेठी में कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कवि व पार्टी नेता कुमार विश्वास को चुनाव मैदान में उतारा था.

अरविन्द केजरीवाल ने दो मई 2014 को गौरीगंज इलाके में कुमार विश्वास का प्रचार करते हुए मंच से आपत्तिजनक भाषण दिया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस व बीजेपी को वोट देना देश के गद्दारों को वोट देने की तरह होगा. उन्होंने कई अन्य भड़काऊ व आपत्तिजक बातें भी की थीं. इस पर केजरीवाल और कुमार विश्वास के साथ ही कई अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.

मुकदमे की सुनवाई पहले अमेठी कोर्ट में ही हुई, लेकिन पिछले साल यह मामला प्रयागराज की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया गया. अदालत से कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद दोनों कभी कोर्ट में पेश नहीं हुए.

अदालत ने मंगलवार को इस मामले में सख्त रुख अपनाया और अगली सुनवाई पर पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी किये और कुर्की की कार्रवाई शुरू किये जाने का अल्टीमेटम दिया.