यही है वो रेप का आरोपी उम्मीदवार जिसका नाम लेकर मोदी ने माया-अखिलेश को घेरा

घोसी से सपा-बसपा के लोकसभा प्रत्याशी अतुल राय पर छात्रा से रेप का आरोप है.
अतुल राय, यही है वो रेप का आरोपी उम्मीदवार जिसका नाम लेकर मोदी ने माया-अखिलेश को घेरा

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (16 मई) को उत्‍तर प्रदेश के मऊ में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए घोसी से गठबंधन के प्रत्याशी अतुल राय का नाम लेकर मायावती और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. अतुल राय बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता हैं और उनके ऊपर छात्रा के साथ रेप का आरोप है.

घोसी लोकसभा सीट से गठबंधन उम्‍मीदवार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा था, “सपा-बसपा ने यहां से ऐसे उम्मीदवार को टिकट दिया है जो बलात्कार के आरोप में भगोड़ा है. समाजवादी पार्टी का तो इतिहास यूपी के लोग जानते हैं, लेकिन बहन जी, क्या आप ऐसे उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेगी. सपा के समय यूपी में बेटियों की क्या स्थिति थी, ये सब जानते हैं. लेकिन बहन जी, महिला सुरक्षा को लेकर आपका बर्ताव भी अब सवालों के घेरे में है.”

कौन हैं अतुल राय? 

  • बसपा नेता अतुल राय घोसी लोकसभा सीट से गठबंधन के प्रत्याशी हैं.
  • अतुल राय पर अप्रैल में वाराणसी की एक छात्रा ने बलात्‍कार का आरोप लगाया था. छात्रा का कहना था कि वह अपनी पत्‍नी से मिलने के बहाने उसे घर ले गए और फिर उसका यौन शोषण किया. मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वे फरार हैं.
  • अतुल राय ने रेप मामले में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली.
  • कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी पर स्टे देने से इनकार कर दिया. कोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए अतुल राय की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी कर चुका है. लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, वो भूमिगत हैं.
  • गठबंधन प्रत्याशी का मुकाबला घोसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी हरि नारायण राजभर से है.
अतुल राय, यही है वो रेप का आरोपी उम्मीदवार जिसका नाम लेकर मोदी ने माया-अखिलेश को घेरा
राय गाजीपुर जिले के भांवरकोल थानाक्षेत्र के वीरपुर गांव के रहने वाले हैं.
  • यूपी की घोसी सीट पर ऐसा पहली बार नहीं, जब कोई उम्‍मीदवार चुनाव प्रचार से गायब रहकर दावेदारी पेश कर रहा हो. 1996 में पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्‍पनाथ राय यहां से निर्दलीय चुनाव लड़े थे.
  • सपा-बसपा गठबंधन के समर्थक अतुल राय की जीत का दावा कर रहा है. समर्थकों का कहना है कि अतुल की गैर-मौजूदगी का असर उसके वोट बैंक पर नहीं पड़ने वाला है.
  • अतुल राय गाजीपुर जिले के भांवरकोल थानाक्षेत्र के वीरपुर गांव के रहने वाले हैं. वह एक बड़े किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इनके गांव के प्रधान का पद लगातार 20 साल इन्हीं के परिवार के पास रहा है. सीट सुरक्षित होने पर राय के समर्थक प्रधान बने.
  • अतुल राय अंसारी (मुख्तार-अफजाल) परिवार के करीबी बताए जाते हैं. अंसारी परिवार के साथ इनकी राजनीति पारी की शुरुआत हुई थी.
  • 2017 चुनाव के पहले इन्होंने BSP जॉइन किया और जमानियां विधानसभा से इन्हें विधायकी का टिकट मिल गया. हालांकि चुनाव में वो दूसरे नंबर पर रहे और BJP ने जीएत हासिल की.

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