कांग्रेस का आरोप- प्रियंका गांधी के गेस्ट हाउस पहुंचते ही काट दी बिजली

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें चुनार स्थित एक गेस्ट हाउस ले जाया गया है.
priyanka gandhi, कांग्रेस का आरोप- प्रियंका गांधी के गेस्ट हाउस पहुंचते ही काट दी बिजली

मिर्ज़ापुर: कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि, प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से पहले ही उनके काफिले को रोककर पुलिस मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस ले गई जहां पहुंचते ही बिजली काट दी गई. चुनार गेस्ट हाउस में बिजली पानी और खाने की व्यवस्था नहीं की गई.

कांग्रेस नेताओं का कहना कि ‘गेस्ट हाउस में पार्टी ने जेनरेटर की व्यवस्था की है. बाहर कार्यकर्ताओं के लिए बैठने की लाइट का इंतजाम भी नगर पालिका अध्यक्ष ने कराया है.
सबके खाने पीने की व्यवस्था भी कांग्रेस के लोग कर रहे है.’

‘गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी गोल घेरे बनाकर कार्यकर्ताओ से मिल रहीं हैं. गेस्ट हाउस के बाहर पंखे का इंतजाम ना होने से गर्मी के चलते 10-10 के ग्रुप में लोगो से बात कर रहीं हैं.’

priyanka gandhi, कांग्रेस का आरोप- प्रियंका गांधी के गेस्ट हाउस पहुंचते ही काट दी बिजली

ये है मामला

महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में भूमि विवाद को लेकर हुई झड़प में गोंड समुदाय के पीड़ितों के परिवार से मुलाकात करने जा रहीं थी, जहां पुलिस प्रशासन ने उनके काफिले को सोनभद्र जाने से रोक दिया.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें चुनार स्थित एक गेस्ट हाउस ले जाया गया. मगर प्रियंका गांधी वहां भी धरने पर बैठ गईं. उन्होंने कहा वह सोनभद्र में पीड़ितों से मिले बिना वापस नहीं जाएंगी.

प्रियंका गांधी ने किए ये ट्वीट-

  • ‘उत्तर प्रदेश सरकार की ड्यूटी है अपराधियों को पकड़ना. मेरा कर्तव्य है अपराध से पीड़ित लोगों के पक्ष में खड़े होना. भाजपा अपराध रोकने में तो नाकामयाब है मगर मुझे मेरा कर्तव्य करने से रोक रही है. मुझे पीड़ितों के समर्थन में खड़े होने से कोई रोक नहीं सकता. कृपया अपराध रोकिए!’
  • ‘मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूँ. जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी. उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है.’
  • ‘उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है. प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’.’

priyanka gandhi, कांग्रेस का आरोप- प्रियंका गांधी के गेस्ट हाउस पहुंचते ही काट दी बिजली

  • ‘मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है. बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गाँव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ.’
  • ‘मगर इसके बावजूद उप्र सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है. जनता सब देख रही है. मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूँ और इसे देने को तैयार नहीं हूँ. मेरी साफ माँग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय. सरकार को जो उचित लगे वह करे.’
  • ‘अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ.’

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‘मैं मुचलका नहीं भरूंगी’

टीवी 9 भारतवर्ष पर बोली प्रियंका अभी प्रशासन ने मुझे एक पत्र दिखाया है मुझे मुचलका भरने को कहा गया है लेकिन मैं मुचलका नहीं भरूंगी मैं यंही हूं और उन पीड़ितों से मिलने के लिए आई हूं. साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रशासन उन्हें मिलवाने की इजाजत दे.

यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने दी सफाई

सोनभद्र से 25 किलोमीटर पहले पुलिस ने प्रियंका गांधी को वाराणसी के नारायणपुर चौक पर रोका और उन्हें वहां से मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस ले गई. पहले खबर आ रही थी कि सोनभद्र जा रहीं प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन बाद में यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने ये साफ किया कि प्रियंका गांधी को हिरासत में नहीं लिया गया है. बल्कि उनके काफिले को रोका गया है. प्रियंका के सोनभद्र पहुंचने से पहले धारा 144 लगाई गई थी, इसी के चलते उन्हें वहां जाने से रोका गया है. वाराणसी के नारायणपुर चौक पर धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी को पुलिस द्वारा हटाए जाने पर प्रियंका ने कहा, “मुझे पता नहीं कहां ले जा रहे हैं.”

सोनभद्र में क्या हुआ

बुधवार को सोनभद्र जिले में भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसा में 10 लोगों की हत्या हो गई थी, जबकि 24 से भी अधिक लोग घायल हो गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब हुई जब एक जमीन के टुकड़े को लेकर गुजर और गोंड समुदाय के बीच विवाद हुआ.  पुलिस ने इस सामूहिक हत्याकांड के मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.

इस मामले में 78 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 50 अज्ञात हैं. एक स्थानीय व्यक्ति लल्लु सिंह की याचिका पर गांव के मुखिया यज्ञदूत व उसके भाई और अन्य पर भी एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.  पुलिस के अनुसार, हत्याकांड में प्रयोग में लाए गए दो हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलिस महानिदेशक ओ.पी सिंह को मामले पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है.

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