यूपी की राजनीति में ग्लैमर का तड़का, इनके सहारे प्रियंका कांग्रेस का जमाएंगी सिक्का

प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव के बाद से मीडिया से गायब हैं और चुपचाप अपने काम में लगी हुई हैं.

नई दिल्ली: प्रियंका गांधी जनवरी, 2019 में जब कांग्रेस पार्टी महासचिव बनीं तो उनके सामने लोकसभा चुनाव की चुनौती थी. पार्टी को उम्मीद थी कि प्रियंका के आने से यूपी में कांग्रेस की स्थिति बेहतर होगी. लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष (तत्कालीन) राहुल गांधी को अपनी अमेठी सीट पर भी हार का मुंह देखना पड़ा. वहीं मौजूदा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी बड़ी मुश्किल से रायबरेली सीट बचा पाईं.

विरोधियों ने कहना शुरू कर दिया कि प्रियंका को उत्तर प्रदेश की जनता ने नकार दिया. हालांकि आपको याद होगा राहुल गांधी ने जब प्रियंका गांधी के महासचिव बनाए जाने की घोषणा की थी तो उन्होंने स्पष्ट किया था कि वो यूपी की कमान संभालेंगी. इतना ही नहीं यह भी स्पष्ट किया था कि प्रियंका की नियुक्ति यूपी विधानसभा के मद्देनज़र की गई है.

प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव के बाद से मीडिया से गायब हैं और चुपचाप अपने काम में लगी हुई हैं. यूपी में 12 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव होने वाले हैं. कांग्रेस की तरफ से अब तक पांच उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है. इन पांच नामों में से सबसे अधिक चर्चा करिश्मा ठाकुर की हो रही है. ख़ास बात यह है कि उन्हें मात्र 24 साल की उम्र में ही उम्मीदवार नियुक्त किया गया है. जबकि चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 होती है. हालांकि स्पष्ट करता चलूं कि करिश्मा ठाकुर 15 सितंबर 2019 को ही 25 साल की हो जाएंगी.

करिश्मा वर्तमान में एआइसीसी (ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी) सदस्य और राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की राष्ट्रीय महासचिव हैं. इन सबके अलावा वो प्रियंका की क़रीबी भी बताई जाती हैं. राजनीतिक पंडितो का मानना है कि प्रियंका धीरे-धीरे महिला ब्रिगेड तैयार कर रही हैं. करिश्मा बेहद युवा है ऐसे में अगर उनको राजनीति में स्थापित करने में कामयाबी मिलती है तो कांग्रेस को लंबे समय तक फ़ायदा मिलता रहेगा. करिश्मा के पिता राजेश सिंह क्राइस्ट चर्च भी डिग्री कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हे.

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सरसौल विधानसभा और बसपा के टिकट पर कन्नौज सीट से लोकसभा का भी चुनाव लड़ा.

इससे पहले रायबरेली सदर सीट से कांग्रेस ने अदिति सिंह को मौक़ा दिया था. अदिति सिंह वर्तमान में इसी सीट से विधायक हैं. 30 साल की अदिति ने अमेरिका के ड्यूक यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. अदिति दिल्ली और मसूरी के प्राइवेट शिक्षण संस्थानों से भी पढ़ाई की है. 2017 के विधानसभा चुनावों में अदिति सिंह ने रायबरेली सीट से करीब 90000 वोटों से जीत हासिल की थी. अदिति सिंह को राहुल गांधी की बहन प्रियंका का करीबी भी माना जाता है.

हालांकि रायबरेली कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है लेकिन रायबरेली सदर सीट पर अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह की निजी पकड़ भी काफी मजबूत है. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अदिति सिंह अपने पिता की वजह से ही अमेरिका से लौटने के तुरंत बाद बगैर किसी जमीनी पकड़ के विधानसभा चुनाव जीत गईं.

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