मोदी के हुए योगी के तीन मंत्री, डेढ़ दर्जन मंत्री पदों पर जल्द हो सकती है घोषणा

लोकसभा चुनाव में BJP ने उत्तर प्रदेश की 62 सीटों पर कब्जा जमाया हैं, वहीं उसकी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने दो सीटें अपने नाम की.
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल, मोदी के हुए योगी के तीन मंत्री, डेढ़ दर्जन मंत्री पदों पर जल्द हो सकती है घोषणा

लखनऊ: लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया है. पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी BJP का प्रदर्शन शानदार रहा है. पिछले चुनाव (73) के मुकाबले उसकी सीटें भले ही कम हुई हों, लेकिन उसके वोट प्रतिशत में इजाफा हुआ है. साथ ही सपा-बसपा के गठबंधन के बाद किसी को BJP+ के 64 सीटें जीतने की उम्मीद नहीं थी पर पार्टी का उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन रहा. यूपी में अच्छे प्रदर्शन के लिए BJP ने पूरा दमखम लगा दिया था. इसी कोशिश में योगी सरकार के 4 मंत्रियों को भी चुनाव मैदान में उतारा गया था. इनमे से तीन को जीत मिली है. ऐसे में अब योगी सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव जरुरी हो गया है. साथ ही लम्बे समय से मंत्रिमंडल के विस्तार की बात भी चल ही रही थी.

चुनाव में अच्छा काम करने वालों को तरक्की मिल सकती है. कई अच्छा प्रदर्शन करने वालों को राष्ट्रीय सगठन में  समायोजित करने के साथ ही प्रदेश में कुछ नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

योगी के इन मंत्रियों ने जीता चुनाव 

लोकसभा चुनाव में योगी सरकार के 4 कैबिनेट मंत्री मैदान में थे. इनमे महिला कल्याण और पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी (इलाहाबाद), खादी ग्रामोद्योग, लघु उद्योग, हथकरघा मंत्री सत्यदेव पचौरी (कानपुर), पशुधन मंत्री एस.पी. सिंह बघेल (आगरा) और सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा (अंबेडकरनगर) शामिल थे. इनमे से मुकुट बिहारी वर्मा को छोड़कर सभी को जीत मिली है. ऐसे में योगी सरकार के तीन नए मंत्री पद खाली हो गए हैं.

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योगी सरकार में 18 रिक्तियां

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार 2017 में अपने गठन के बाद अपने पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में हैं. योगी सरकार में 46 सदस्य हैं, और लोकसभा चुनाव से पहले 14 रिक्तियां खाली थीं. यूपी के तीन मंत्रियों के चुनाव जीतने और मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने के बाद कुल 18 रिक्तियां हो गई हैं. इसके साथ ही हारने वाले मंत्री की भी छुट्टी हो सकती है. इसके अलावा जिन मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने खराब प्रदर्शन किया है, उनकी भी छुट्टी संभव है. इसके अलावा जा चुका है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी से शामिल होने वाले चेहरों के मद्देनजर प्रदेश कैबिनेट का पुनर्गठन जरुरी है. इसके तहत क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधित्व का संतुलन साधा जा सकता है. ऐसी भी योजना है कि जिन क्षेत्रों और जातियों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिल पाए उन्हें प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी जाए.

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केंद्र में यूपी के 10 से अधिक मंत्री

पिछली केंद्र सरकार में भी सबसे ज्यादा मंत्री उत्तर प्रदेश से ही थे. इस बार भी ये दोहराया जाना संभव है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार प्रदेश से 10 से अधिक चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. सपा-बसपा के गठबंधन के बाद भी प्रदेश में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया, इसलिए जीते हुए कई सांसदों को इनाम के तौर पर मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.

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