हत्या से एक दिन पहले पांच लोगों के साथ कार में क्या कर रहे थे रोहित शेखर

फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पता चला है कि रोहित के नाखून और पैर के तलवे ' नीले ' पड़े हुए थे. ऐसा ऑक्सीजन लेवल डाउन होने से होता है.

नई दिल्ली: उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत के बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट में ये साफ तौर पर ज़िक्र है कि रोहित शेखर की हत्या हुई है.जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच फिलहाल कुछ चीजों को वेरीफाई कर रही है.

जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी हो सकती है. 15 अप्रैल की रात रोहित की गाड़ी में 5 लोग थे, जिसमें उसकी एक महिला जानकार , नौकर भोलू , ड्राइवर और एक शख्स मौजूद था.

फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पता चला है कि रोहित के नाखून और पैर के तलवे ‘ नीले ‘ पड़े हुए थे. ऐसा ऑक्सीजन लेवल डाउन होने से होता है. उसकी शराब कोई चीज़ मिलाई गई थी या नहीं ये विसरा रिपोर्ट आने के बाद साफ होगा.

अभी तक क्या-क्या हुआ-

-उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की 16 अप्रैल शाम को संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

-रोहित के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ जिसकी फाइनल रिपोर्ट 19 अप्रैल को आई.

– रिपोर्ट में रोहित के मौत की वजह गला दबाने और दम घुटने से बताई गई.

-पोस्टमोर्टम रिपोर्ट मिलते ही दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में हत्या यानी आईपीसी 302 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.

-मामला संदिग्ध और हाईप्रोफाइल होने की वजह से क्राइम ब्रांच की टीम को सौंपा.

ये था घटनाक्रम-

पुलिस के मुताबिक 15 अप्रैल की रात रोहित शेखर नशे की हालत में घर पहुँचे थे. जिसके बाद वो सीधे अपने कमरे में जाकर सो गए थे. इस बीच कमरे में उनके साथ घर का नौकर भी था, जिसने रोहित की मालिश की थी.

अगले दिन शाम 4 बजे रोहित की पत्नी के कहने पर जब घर का नौकर रोहित को जगाने पहुँचा, तो रोहित बेड पर बेसुध पड़े थे और नाक से खून बह रहा था. इस बात की खबर तुरंत रोहित की माँ को दी गई जो उस वक्त हॉस्पिटल में थी. रोहित की माँ तुरंत एम्बुलेंस लेकर घर पहुंची.

घर से  रोहित को साकेत के मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया. कुछ देर बाद डॉक्टर्स ने रोहित को मृत घोषित कर दिया था. इस बात की भी जांच की जा रही है कि 15 अप्रैल की रात रोहित सोया और 16 अप्रैल की शाम 4 बजे के आसपास रोहित संदिग्ध हालत में मृत पाए गए फिर भी किसी ने कमरे में जाकर रोहित को नहीं उठाया.

ऐम्स में डॉक्टर्स के पैनल ने लाश का पोस्टमार्टम किया. जिसके बाद पता चला कि रोहित शेखर की मौत का समय 15 -16 अप्रैल की रात 1:30 बजे का है . जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया. इसका मतलब वो करीब 15 घण्टे बंगले के कमरे में ही मृत पड़ा रहा.

रोहित की मां ने दिए थे चौंकाने वाले बयान-

रोहित शेखर मौत के बाद 17 अप्रैल को मां उज्जवला ने मीडिया से बात की थी. उन्होंने रोहित की मौत से जुड़ीं चौंकाने वाली बाते कही थीं. उन्होंने कहा था इसमें कोई संदेह नहीं है कि मेरे बेटे की स्वाभाविक (नेचुरल) मृत्यु हुई है लेकिन ये मैं बाद में बताऊंगी कि वो क्या परिस्थितियां थीं जो उसकी मौत के लिए जिम्मेदार हैं.

इससे साफ जाहिर होता है कि मौत की वजह कुछ और भी है. रोहित की मां ने आगे कहा था, “मौत नेचुरल जरूर है लेकिन मेरे बेटे को मानसिक यंत्रणा दी गई, मेरा बेटा अवसाद से घिरा हुआ था. रोहित का पॉलिटिकल कैरियर नहीं बन पाया, जिसकी वजह से वह काफी डिप्रेशन में था.”

“मेरे बेटे ने अपने पिता को उन तत्वों से भी बचाया जो उनके लिए हानिकारक थे. रोहित की मां ने बताया था जिन्होंने मेरे बेटे को अवसाद में डाला, उनका नाम जरूर बताएंगी, लेकिन अभी नहीं. उन्होंने कहा था मन में बहुत सी बातें हैं, लेकिन ये बात करने का सही समय नहीं है, मुझे बहुत कुछ कहना है.”

उन्होंने ये भी साफ किया था कि रोहित को न्यूरो से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी. हालांकि, आज उज्जवला ने बेटे के डिप्रेशन की केवल वजह बताई थी, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया था. उन्होंने कहा था, “सही समय आने पर मैं नाम बताऊंगी. रोहित बहुत सुलझे और अच्छे इंसान थे. उन्होंने अपने पिता की बहुत सेवा की, लेकिन इतनी छोटी उम्र में वह चले गए. इस पर हमें भी विश्वास नहीं हो रहा है.”

केस में आया फिर नया मोड़

शेखर तिवारी मर्डर केस में एक नया मोड़ आया, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शेखर तिवारी के घर पांच लैंड लाइन फोन हैं. जिसमें से तीन एमटीएनएल (MTNL) के और दो एयरटेल (Airtel) के. एयरटेल फोन पर इंटरनेट चलता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक शेखर का खाना पूरी तरह पचा नहीं था. घर के लोग ज्यादातर बातें लैंड लाइन फोन से ही करते थे. डिफेंस कॉलोनी का मोबाईल नेटवर्क बहुत खराब रहता था और उसी इलाके में शेखर तिवारी का घर है.

इस मामले में क्राइम ब्रांच की दो टीमें अलग-अलग राय रख रही है. एक टीम की तफ्तीश इशारा करती है रोहित शेखर तिवारी का मर्डर हुआ है और इस कांड में उनकी पत्नी का हाथ है. जबकि दूसरी टीम पत्नी को शक के दायरे से बाहर रख रही है. रोहित शेखर के घर में सीन भी री-क्रिएट किए गए हैं.

इससे पहले रोहित शेखर तिवारी (Rohit Shekhar Tiwari) की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने आज रोहित शेखर की मां उज्ज्वला, पत्नी अपूर्वा और घर के नौकरों से पूछताछ की. क्राइम ब्रांच की टीम ने परिवार के सदस्यों से लगभग 7 घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ में रोहित की मां उज्ज्वला तिवारी (Ujjwala Tiwari) ने खुलासा किया कि रोहित ने प्रेम विवाह किया था लेकिन शादी के पहले दिन से बेटे और बहू में तनाव था.

शुक्रवार को रोहित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि रोहित की मौत दम घुटने से हुई थी. जिसके बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है. दिल्‍ली पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्‍या का केस दर्ज किया है.

पति-पत्नी के बीच था मनमुटाव
रोहित की मां उज्जवला के मुताबिक, रोहित का शादी के अगले दिन से पत्नी अपूर्वा से झगड़ा शुरू हो गया था. मां ने बताया कि दोनों अलग-अलग सोते थे. उज्जवला यह कहना चाहतीं थीं कि अपूर्वा ने ही उनके बेटे रोहित की हत्या की है. वहीं रोहित की पत्नी अपूर्वा को शक था कि रोहित का किसी महिला से अफेयर था. वह महिला रोहित के किसी चचेरे भाई की पत्नी है और रोहित के परिवार में उस महिला का आना-जाना था. इसी बात को लेकर अपूर्वा और रोहित में अक्सर झगड़ा होता था.

संपत्ति भी विवाद की एक जड़ थी
क्राइम ब्रांच ने बताया कि रोहित और उनके भाई सिद्धार्थ के बीच संपत्ति विवाद की भी जांच की जा रही है. परिवार के पास उत्तराखंड और दिल्ली में करोड़ों रुपए की संपत्ति है. पुलिस सिद्धार्थ सहित घर से जुड़े 10 लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है. नारायण दत्त तिवारी लंबे समय तक रोहित को अपना बेटा मानने से इनकार करते रहे थे. 2014 में तिवारी ने अदालत के आदेश के बाद रोहित को अपना बेटा स्वीकार कर लिया था. एनडी तिवारी का 93 वर्ष की आयु में 18 अक्टूबर 2018 को निधन हो गया था. रोहित जनवरी 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे और एक साल पहले ही उन्होंने अपूर्वा शुक्ला से शादी की थी.

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