संभल: शहीद पुलिसकर्मियों को नहीं मिली एंबुलेंस, सब्जी ढोने वाले टेम्पो से ले जाया गया अस्पताल

जब मुरादाबाद पुलिस लाइन में शहीदों को दी जा रही सलामी के दौरान उनके शव पर किसी एक भी फूल नहीं डाला और न ही शव को तिरंगे में लपेटा.

संभल: बुधवार को उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अज्ञात बदमाशों ने कैदियों से भरी जेल वैन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इस घटना में दो पुलिसकर्मियों शहीद हो गए और यूपी पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया. शहीद पुलिसकर्मियों के शव को एम्बुलेंस की सब्जी ढोने वाले टेम्पो में अस्पताल तक ले जाया गया. यही नहीं जब मुरादाबाद पुलिस लाइन में शहीदों को दी जा रही सलामी के दौरान उनके शव पर किसी एक भी फूल नहीं डाला और न ही शव को तिरंगे में लपेटा.

कैदियों को पेशी के लिए मुरादाबाद जेल से चंदौसी कोर्ट लाया गया था. बुधवार को पेशी के बाद पुलिस वैन करीब साढ़े पांच बजे शाम को 24 कैदियों को लेकर मुरादाबाद जेल रवाना हुई. वैन में दो सिपाही दरोगा चेतराम के साथ आगे ड्राइवर के पास बैठे थे और दो सिपाही पीछे बैठे थे. चंदौसी से दो किलोमीटर आगे पहुंचते ही ग्रीन कालोनी के सामने वैन में मौजूद तीनों बंदियों ने पीछे बैठे सिपाहियों हरेंद्र और ब्रजपाल की आंखों में मिर्च झोंक दीं. इसके बाद उन्होंने दोनों सिपाहियों को गोली मार दी. पुलिस के मुताबिक बंदियों के पास तमंचे पहले से थे.

गोली लगने से दोनों सिपाहियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इसके बाद एक कैदी ने तमंचा दिखाकर बाकी कैदियों को कवर किया और वैन ग्रिल तोड़ी साथ ही एक सिपाही की रायफल भी उठा ली. गोली की आवाज सुन ड्राइवर ने वैन रोकी लेकिन आगे बैठे पुलिसकर्मी कैदियों के हाथ में बंदूक देख उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सके. इसके बाद कैदी खेतों से गुजरते हुए फरार हो गए.

घटना को लेकर DGP ओपी सिंह का कहना है कि घायल पुलिसवालों की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता थी, इसलिए हमारी तरफ से प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया गया. जो साधन था, उसी से शव को अस्पताल ले जाया गया.

DGP के मुताबिक फरार हुए तीनों कैदियों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. कैदियों को पकड़ने के लिए यूपी एसटीएफ की टीम तैनात की गई है. फरार हुए कैदियों का नाम कमल, शकील और धर्मपाल है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद हुए दोनों पुलिसकर्मियों के परिवार को 50-50 लाख रुपये की सहायता, शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आदेश दिया है.