शाहजहांपुर रेप कांड: स्‍वामी चिन्‍मयानंद का ‘दिव्‍य धाम’ सीज, सोने के लिए SIT ने एक कमरा छोड़ा

पूर्व केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आवास 'दिव्य धाम' को सीज कर दिया गया है. चिन्‍मयानंद के सोने को केवल एक कमरा छोड़ा गया है.

शाहजहांपुर रेप कांड में गठित एसआईटी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. पूर्व केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आवास ‘दिव्य धाम’ को सीज कर दिया गया है. चिन्‍मयानंद के सोने को केवल एक कमरा छोड़ा गया है. एसआईटी ने यह कार्रवाई शुक्रवार तड़के 4 बजे की. SIT जांच के मद्देनजर कॉलेज को तीन दिन तक के लिए बंद रखने की बात सामने आ रही है.

एसआईटी ने गुरुवार को चिन्‍मयानंद से पूछताछ की थी. एसआईटी ने चिन्‍मयानंद से छात्रा के यौन शोषण के आरोपों, मालिश कराते हुए वीडियो और 5 करोड़ रुपये रंगदारी मांगे जाने के बारे में सवाल पूछे. लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल संजय कुमार बर्नवाल और सेक्रेट्री अवनीश मिश्रा से भी पूछताछ हो चुकी है.

बुधवार को पीड़िता के कमरे की भी तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान क्या कुछ मिला, एसआईटी ने फिलहाल इसका खुलासा नहीं किया है. हां, यह जानकारी जरूर सामने आ रही है कि कुछ आपत्तिजनक चीजें कमरे में मिली हैं. चूंकि कमरा लड़की ने बंद किया था, ऐसे में कमरे से बरामद आपत्तिजनक चीजों के बारे में भी पीड़िता को ही जबाब देना है.

24 अगस्त को छात्रा ने फेसबुक पर वीडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे. दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर डालने के साथ ही शाहजहांपुर से गायब हो गई. इस मामले का सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी अब मामले की जांच कर रही है.

गुरुवार देर रात 2 बजे तक चिन्मयानंद और उनके कुछ विश्वासपात्रों से एसआईटी ने करीब 6-7 घंटे तक कड़ी पूछताछ की. पूछताछ शाहजहांपुर पुलिस लाइन परिसर में की गई. उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, “भले ही एसआईटी की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ कर रही हो, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए सूबे की सरकार और राज्य पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह करीब से नजर रखे हुए हैं.”

शाहजहांपुर में कई दिन से डेरा डाले एसआईटी टीम के सदस्य आरोपी-गवाह और शिकायतकर्ताओं के अलावा बाकी हर किसी से दूरी बनाए हुए हैं. वजह है कि एसआईटी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की विशेष पीठ की नजरें लगी हुई हैं. जांच में क्या कुछ निकल कर सामने आ रहा है? जांच की दिशा क्या है? इसकी पल-पल की जानकारी पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह को एसआईटी दे रही है,ताकि एसआईटी जब रिपोर्ट के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यी पीठ के सामने पेश हो, तो राज्य सरकार और राज्य पुलिस की किरकिरी न हो.

सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश पुलिस और उसकी एसआईटी को एक डर यह भी सता रहा है कि अगर उसकी जांच में कहीं कोर-कसर बाकी रह गई तो, कोई बड़ी बात नहीं कि राज्य पुलिस की एसआईटी से छीनकर मामले की निगरानी कर रही हाईकोर्ट की विशेष पीठ जांच कहीं सीबीआई के हवाले न कर दे.

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