चिन्‍मयानंद केस: SIT ने पीड़ित छात्रा को हिरासत में लिया, रंगदारी मांगने का है आरोप

चिन्‍मयानंद की ओर से पीड़‍ित छात्रा पर रंगदारी मांगने और ब्‍लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं. चिन्‍मयानंद फिलहाल जेल में है.

चिन्‍मयानंद से रंगदारी मामले में आरोपी रेप पीड़‍िता छात्रा को पुलिस ने शाहजहांपुर से हिरासत में लिया. पीड़ित लड़की को ज़िला सत्र न्यायालय में पेश किया गया है. इसी छात्रा ने चिन्‍मायानंद पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. इन्‍हीं आरोपों के चलते चिन्‍मयानंद फिलहाल जेल में हैं. चिन्‍मयानंद केस में छात्रा को खिरनी बाग चौराहे से विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी हिरासत में लिया.

इससे पहले, गिरफ्तारी से बचने के लिए छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने नामंजूर कर दी. अदालत ने धारा 164 के तहत दोबारा कलमबंद बयान दर्ज करवाने की छात्रा की मांग को भी ठुकरा दिया. इस मामले में अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 22 अक्टूबर की तारीख तय की है.

पीड़ित युवती ने अपनी गिरफ्तारी रुकवाने के लिए एक आवेदन दिया था, लेकिन अदालत ने उसे किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि यदि पीड़ित युवती इस संबंध में कोई राहत चाहती है तो वह उचित पीठ के समक्ष नए सिरे से एक याचिका दायर कर सकती है.

अदालत ने कहा कि यह पीठ इस मामले में केवल जांच की निगरानी करने के लिए नामित की गई है और गिरफ्तारी के मामले में रोक लगाने का कोई आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.

चिन्‍मयानंद केस में सोमवार को एसआईटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी. इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वत: संज्ञान लिए जाने के बाद न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ मामले को देख रही है.

अदालत ने पेनड्राइव, सीडी और अन्य कई दस्तावेजों के साथ सौंपी गई एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट से संतुष्टि जताई है. इसके अलावा एसआईटी के आईजी नवीन अरोड़ा ने कोर्ट के सामने फिरौती मांगने की आरोपी छात्रा और उसके दोस्त संजय की कॉल डिटेल पेश करते हुए बताया कि दोनों के बीच 40,200 बार बातचीत हुई है.

एसआईटी ने शुक्रवार को चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. SIT ने चिन्मयानंद को उसके आश्रम से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उनका मेडिकल टेस्ट कराकर SIT ने कोर्ट में पेश किया.

कोर्ट ने चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. रंगदारी मामले में छात्रा के दोस्त संजय, विक्रम और सचिन को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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