यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार हो सकते हैं चिन्मयानंद, बयान दर्ज कराने कोर्ट पहुंची पीड़िता

पीड़िता का सीआरपीसी की धारा 164 के तहत यह महत्वपूर्ण बयान अदालत में ही दर्ज हो सकता है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद द्वारा कानून की छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में गठित यूपी पुलिस की एसआईटी सोमवार को पीड़िता को लेकर स्थानीय अदालत पहुंची है. कयास लगाये जा रहे हैं कि कुछ देर बाद अदालत में पीड़िता के बयान दर्ज करवाए जा सकते हैं.

‘दर्ज होगा पीड़िता का बयान’
एसआईटी से जुड़े एक सूत्र ने नाम गोपनीय रखने शर्त पर आईएएनएस को बताया, “अब तक मामले से जुड़े बाकी तमाम गवाहों, शिकायतकर्ता का बयान एसआईटी दर्ज कर चुकी है. सबसे महत्वपूर्ण पीड़िता का बयान बचा था, जिसमें उसने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था.”

पीड़िता का सीआरपीसी की धारा 164 के तहत यह महत्वपूर्ण बयान अदालत में ही दर्ज हो सकता है. एसआईटी टीम के पीड़िता को लेकर अदालत पहुंचने पर इन्हीं चर्चाओं को दम मिला है कि अदालत में एसआईटी कुछ देर बाद हर हाल में यह बयान दर्ज कराने की कोशिश करेगी.

‘कोर्ट SIT को दे सकता है आदेश’
एसआईटी के सूत्र इस बात से भी इंकार नहीं कर रहे हैं कि अगर आज अदालत में छात्रा के धारा 164 के तहत बयान दर्ज हो गए, जिनमें उसने स्वामी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है, तो अदालत एसआईटी को इस मामले में दुष्कर्म की धारा जोड़ने का भी निर्देश दे सकती है.

दुष्कर्म की धारा जोड़ने के तुरंत बाद ही एसआईटी के लिए आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार करना मजबूरी भी होगा और जिम्मेदारी भी. अभी तक पीड़िता के बयान दर्ज न हो पाने के कारण ही लाख शोर-शराबे के बाद भी एसआईटी ने स्वामी को गिरफ्तार नहीं किया था.

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