इंजीनियर ने बिना शटडाउन किए बेड पर देर तक रखा लैपटॉप, घर में लगी आग

फायर ब्रिगेड ने रस्सी के सहारे इंजीनियर को नीचे उतारा.

देर रात तक लैपटॉप पर काम करना और उसे उसी हालत में छोड़कर सो जाना घातक साबित हो सकता है. गाजियाबाद की घटना इसका उदाहरण है. राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट सोसाइटी में 7वें फ्लोर पर रहने वाले इंजीनियर के फ्लैट में आग लग गई और बेड पूरी तरह से जलकर राख हो गया.

नेटवर्किंग कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है पीड़ित

सॉफ्टवेयर इंजीनियर राहुल कुमार नोएडा सेक्टर 62 स्थित एक नेटवर्किंग कंपनी में कार्यरत हैं. अपनी पत्नी के साथ किराए पर वे इस सोसाइटी में रहते हैं. राहुल के मुताबिक नाइट शिफ्ट में काम करके घर आने के बाद वे घर पर लैपटॉप में काम करने लगे. नींद आई तो लैपटॉप की स्क्रीन नीचे की और उसे बिस्तर पर छोड़ दूसरे कमरे में जाकर सो गए.

राहुल की स्कूल टीचर पत्नी सुबह स्कूल चली गई. करीब साढ़े आठ बजे पूरे घर में धुआं भर गया तो लोगों को घटना की जानकारी मिली. कमरे से बाहर निकलकर राहुल ने देखा तो लैपटॉप जल रहा था और बिस्तर में भी आग लग चुकी थी.

आग लगी देखकर राहुल डर गए, बाथरूम से लॉबी के रास्ते बालकनी में गए और वहां पड़ोस की दीवार पर चढ़कर शोर मचाने लगे. शोर सुनकर गार्ड ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया. फायर ब्रिगेड ने आकर आग को काबू किया और इंजीनियर को रस्सी के सहारे नीचे उतारा.

बालकनी में जाने से बची जान

सीएफओ सुनील कुमार के मुताबिक जांच में सामने आया है कि इंजीनियर राहुल कुमार ने रात में लैपटॉप पर काम करने के बाद उसे बिना शट डाउन किए स्लीप मोड पर छोड़ दिया था. घर में आग लगने के बाद बालकनी में जाने की वजह से वह बाल-बाल बच गए. फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर पूरे घर में धुंआ था जिसकी वजह से दीवारें काली हो चुकी थीं.

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