जब आधी रात में प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस के पिछले गेट पर टहलते देख उड़े अफसरों के होश

प्रियंका गांधी को मनाने के लिए आधी रात तक दो जिलों के बड़े अधिकारी आते रहे लेकिन प्रियंका पीड़ितों के परिवारों से मिलने पर अड़ी रहीं.

17 जुलाई को सोनभद्र जिले के घोरावल में उभ्भा गांव में 90 बीघे जमीन के विवाद में 10 ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया. चार करोड़ रुपए कीमत की जमीन गांव वालों के लिए काल बन गई. ग्राम प्रधान ने अपने समर्थकों के साथ लाशें बिछा दीं. इस हत्याकांड पर सियासी रंग तब चढ़ा जब प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों से मिलने सोनभद्र की तरफ बढ़ीं.

शुक्रवार की दोपहर वाराणसी के ट्रामा सेंटर से निकलते ही नारायनपुर में प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया. उन्हें एसडीएम की गाड़ी में बिठाकर चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया. उनके सामने ऑप्शन रखा गया कि सोनभद्र छोड़कर वे कहीं भी जा सकती हैं. प्रियंका अड़ी रहीं कि उन्हें सोनभद्र जाना है और पीड़ितों के परिवार से मिलना है.

चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका गांधी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं. उनकी मांग थी कि योगी सरकार प्रशासन उन्हें अकेले ही परिवारों से मिल लेने दे. इस पर प्रियंका गांधी को मनाने देर रात 11 बजे वाराणसी से एडीजी ब्रजभूषण और कमिश्नर दीपक अग्रवाल पहुंचे. दो बार बातचीत हुई लेकिन प्रियंका अपनी मांग पर अड़ी रहीं.

शुक्रवार की रात दो बजे तक प्रियंका कई अधिकारियों के साथ बैठक करती रहीं. मिर्जापुर के डीएम और एसपी मनाने आए. बात नहीं बनी. फिर वाराणसी से एडीजी और कमिश्नर के साथ मिर्जापुर के कमिश्नर और डीआईजी आए. चारों अफसरों के साथ रात एक बजे तक मीटिंग चली. अफसरों के जाने के बाद प्रियंका अपने नेताओं से बात करती रहीं. रात 2 बजे के बाद पार्टी नेता पीएल पुनिया से बात करने के बाद गेस्ट हाउस के पिछले दरवाजे पर आकर टहलने लगीं.

इस गेट पर तब तक एसपीजी के जवान सुरक्षा में तैनात थे. प्रियंका को पिछले गेट से निकलते देख प्रशासन के हाथ पांव फूल गए. मड़िहान एसडीएम सुरेंद्र बहादुर सिंह ने वहां भारी फोर्स सिक्योरिटी तैनात की. इस बीच गेस्ट हाउस में भारी अव्यवस्था की शिकायत की गई. चुनार गेस्ट हाउस में मौजूद कांग्रसी नेता अजय कुमार लल्लू ने बताया कि पूरी रात बिजली नहीं आई. सरकार ने बिजली और पानी की सप्लाई बंद करके गेस्ट हाउस छोड़ने पर मजबूर किया.

सुबह होते ही पीड़ित परिवार खुद प्रियंका से मिलने आ पहुंचे. साढ़े 11 बजे के करीब पीड़ित परिवार को चुनार गेस्ट हाउस लाया गया. प्रियंका से मुलाकात कराई गई. फिलहाल प्रियंका गांधी का धरना खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद पूरा हो गया है.